कैथल। बीते दिनों हुई बारिश से तबाही के बाद सरकार ने विशेष गिरदावरी के आदेश जारी किए हैं। इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर वीरवार तक आवेदन करना होगा। किसान अपने किसी भी नजदीकी अटल सेवा केंद्र पर जाकर यह आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद पटवारी अपने क्षेत्र में नुकसान का आकलन करेंगे।
बीते दिनों हुई बारिश के बाद किसानों की काफी फसल खराब हुई है। सबसे अधिक धान की फसल पर मार पड़ी है। आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल एक लाख 52 हजार हेक्टेयर में धान की फसल उगाई गई थी। इसमें से करीब 15 हजार एकड़ में लगाई गई धान की फसल खराब होने का अनुमान है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। अब किसान खेतों में हुए जलभराव के बाद पानी को पंप लगाकर निकालने में जुटे हैं।
किसानों को उम्मीद है कि शायद पानी के निकलने से उनकी फसल बच जाए। दूसरी ओर सरकार की ओर से गिरदावरी के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस संबंध में मंगलवार को जिलों में आदेश पहुंच चुके हैं। इसके अनुसार 72 घंटे में किसानों को आनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना है। इसके साथ ही पटवारियों की तरफ से सर्वे भी शुरू किया गया है। इस समय जिला प्रशासन के आदेशों के तहत जिले में कुल 236 पटवारी सर्वे का कार्य कर रहे हैं। पटवारियों की तरफ खेतों में जाकर जांच की जा रही है कि किसानों की कितनी फसल खराब हुई है।
किसान यहां दे सकते हैं जानकारी
किसान खराब हुई फसलों की जानकारी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल में ई-क्षतिपूर्ति पर दे सकते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से वंचित किसानों को इस पोर्टल का लाभ मिलेगा। यह फसल नुकसान की स्थिति में आवेदन, सत्यापन और मुआवजा प्रदान करने की प्रणाली में काफी सुगम है, जो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना व सीड विकास कार्यक्रम के तहत कवर हैं, उन किसानों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण नहीं कराया है, उन किसानों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके लिए किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल के अलावा कहीं भी पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं है।
फसल क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं किसान : डीसी
डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने बताया कि बरसात से जिन किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई है। वह 72 घंटों के अंदर ई-फसल क्षतिपूर्ति पर फसल की भरपाई के लिए आवेदन कर सकते हैं। संबंधित खसरा नंबर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत नहीं होना चाहिए। इस पोर्टल पर किसान समय-समय पर अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। पंजीकरण के लिए मोबाइल नंबर, परिवार पहचान पत्र या मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पंजीकरण नंबर में से कोई एक अनिवार्य होगा। किसानों को आग, बाढ़, ओलावृष्टि, सूखा, शीतलहर, भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, जलभराव, भारी बारिश, कीट का हमला और धूल भरी आंधी के कारण होने वाले फसल नुकसान पर मुआवजा मिलेगा।