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दो साल में 523 लापता, 92 का अभी तक कोई अता-पता नहीं

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नसीब सैनी
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कैथल। जिले में पिछले दो साल में कुल 523 लोग लापता हुए हैं। जिनके लापता होने पर पुलिस ने अपहरण व दूसरी धाराओं में केस दर्ज किए हैं। इनमें से पुलिस ने 431 का तो पता लगा लिया।। लेकिन 92 अभी भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। जिसमें 6 बच्चे भी शामिल हैं। शहर में सीसीटीवी कैमरों की सुविधा न होना भी लापता हो रहे लोगों की तलाशी में बड़ी बाधा है।
वर्ष 2019 में एक जनवरी से 31 दिसंबर तक कुल 276 लोग लापता हुए। जिसके लिए पुलिस ने 247 केस दर्ज किए। इनमें से पुलिस ने 239 लोगों का पता लगा लिया। लेकिन 37 अभी भी लापता हैं। जिसमें 11 महिलाएं व 26 पुरुष शामिल हैं। थाना अनुसार थाना शहर में से 35, सिविल लाइन से 19, सदर कैथल से 15, सीवन से 30, चीका से 23, गुहला से 23, ढांड से 16, पूंडरी से 60, तितरम से 5, राजौंद से 19, कलायत से 31 लोगों के लापता होने की एफआईआर दर्ज की गई। इस साल में कुल 57 बच्चे 18 से कम उम्र के थे। जो सभी ट्रेस कर लिए गए।
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इसी प्रकार वर्ष 2020 में जिले में कुल 247 लोग लापता हुए। जिसमें से पुलिस ने 192 का पता लगा लिया। लेकिन 55 लोग अभी भी लापता हैं। इन 55 में 18 साल से कम उम्र की एक लड़की व 5 लड़के भी शामिल हैं। पुलिस द्वारा अभी तक इनका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस थाना अनुसार यदि देखा जाए तो थाना शहर क्षेत्र से 34, सिविल लाइन से 28, सदर एरिया से 38, सीवन से 7, चीका से 26, गुहला से 12, ढांड से 17, पूंडरी से 32, तितरम से 8, राजौंद से 17, कलायत से 28 लोगों के लापता होने पर केस दर्ज किए गए।
लापता हुए लोगों के परिजन भटकने को मजबूर
केस स्टडी
...मेरे पिता सेक्टर 19 के पार्क से 10 जनवरी को लापता हुए थे। सुबह करीब 9 बजे नहाने के बाद वे पार्क में घूमने गए। मैं अपनी भगत सिंह चौक स्थित दुकान पर चला गया। दिन में पता चला कि वे वापस नहीं लौटे। मेरे पिता सांख्यिकी विभाग से सेवानिवृत्त द्वितीय श्रेणी के अधिकारी हैं। जो हर बात की अच्छी समझ रखते थे। पार्क में जाते समय मोबाइल, कोई पहचान पत्र या अन्य वस्तु लेकर नहीं गए थे। मैंने खुद घर से निकलने व बाद में पार्क में घूमते हुए जिस-जिस व्यक्ति के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में वे दिख रहे थे, सारी फुटेज जुटाई। हरिद्वार, कुरुक्षेत्र, ऋषिकेश सहित सभी धार्मिक स्थलों या फिर अन्य बड़े शहरों में हर धर्मशाला, होटल आदि में अपने पिता की सारी जानकारी देकर आया हूं। पुलिस ने केस दर्ज किया था। एक बार मंदिर में जहां वे बैठते थे, वहां जाकर बयान जरूर दर्ज किए। लेकिन उसके आगे कुछ नहीं हुआ।
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-आशीष, दुकानदार लापता रामेश्वर सिंह के पुत्र
पुलिस द्वारा लापता की सूचना मिलते ही प्रयास किया जाता है कि व्यक्ति की तलाश की जाए। इसके लिए सभी जिलों के आपस में ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें लापता व्यक्ति की जानकारी साझा की जाती है। ताकि उसके बारे में पता लगाया जा सके। ज्यादा गंभीर मामला सामने आने पर सीआईए द्वारा भी तलाश की जाती है। अब प्रयास किया जा रहा है कि शहर के चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे ठीक हालत में रहें। जिससे काफी मदद मिल सकती है।
लोकेंद्र सिंह, एसपी, कैथल
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