कैथल। बुधवार को बुलाई गई नगर परिषद की हाउस की बैठक स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर चर्चा के दौरान हुए हंगामे के बाद स्थगित हो गई। लेकिन स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान कब और कैसे होगा, इस बात पर अधिकारियों द्वारा कोई रोडमैप नहीं बनाया गया। शहरवासी पूछ रहे हैं कि शहर का लाखों रुपया खर्च होने के बावजूद वे अंधेरे में क्यों रहें? उनका क्या कुसूर है? कुछ पार्षदों द्वारा बैठक में भी उठाए गए सवालों पर अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। ऐसे में आने वाले दिनों में भी लोगों को कोई बड़ी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। वहीं जेई द्वारा करवाए गए सर्वे में महज 5 वार्डों में 600 लाइट बंद पड़ी हैं तो पूरे शहर की क्या स्थिति होगी? रिपेयर के बाद बचने वाला स्क्रैप कहां गया? इसकी जानकारी तक नहीं है। यह चिंतनीय विषय है। जिनकी जिम्मेदारी बनती है, उन्हें इस ओर ध्यान देना चाहिए।
विदित रहे कि शहर में करीब 10 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट के प्वाइंट्स हैं। जिनमें से मोटे अनुमान के अनुसार 25 प्रतिशत से अधिक लाइट बंद पड़ी हैं। बुधवार की बैठक में पार्षद राकेश सरदाना ने 1.86 लाख रुपये प्रति माह की दर से लाइट रिपेयर करने के लिए छोड़े गए टेंडर के बावजूद लाइटों के खराब होने पर सवाल उठाया तो न तो ईओ, न ही एक्सईएन और न ही दूसरे अधिकारी जवाब दे पाए। पिछले दो साल के बिलों को पास करने के मुद्दे पर हंगामा इतना हुआ कि बैठक स्थगित कर दी गई।
हमारा क्या कुसूर : सुनील
करनाल रोड निवासी सुनील कुमार ने कहा कि पार्षद भले ही अपने एजेंडों को लेकर हंगामा करें। वे लड़ते रहें। लेकिन शहरवासी अंधेरे में क्यों रहें? शहर के लोगों का क्या कुसूर है। 26 जनवरी के दिन करनाल रोड पर कुछ खराब लाइटें ठीक हुई थीं, इसके बाद से ये बंद पड़ी हैं।
अंधेरे में लगता है डर : पंकज
दुकानदार पंकज ने कहा कि शहर में कई सड़कों पर रात को अंधेरे के कारण निकलते हुए डर लगता है। सेक्टर 19 व 20 के मध्य मार्ग पर लाइट खराब पड़ी हैं। लाइटें ठीक करवाई जाएं। पार्षद अपनी लड़ाई लड़ते रहें, लेकिन शहर के लोगों की परेशानी दूर की जानी चाहिए।
अधिकतर सड़कों पर खराब हैं लाइट
शहर में करनाल रोड पर कई लाइट बंद हैं। लघु सचिवालय के साथ से सेक्टर 19 व 20 के लिए बनाई गई सड़क पर लाइट बंद हैं। ढांड रोड के मध्य मार्ग पर लाइटें बंद हैं। न्यू करनाल रोड, अंबाला रोड, जींद रोड, सीवन रोड, प्रताप गेट, चंदाना गेट, चीका रोड सहित शहर के अनेकों वार्डों में लाइट बंद पड़ी हैं।
चेयरपर्सन सीमा कश्यप ने कहा कि इन मुद्दों के समाधान के लिए ही बैठक बुलाई थी। कर्मचारी द्वारा किए गए हंगामे के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी। शीघ्र ही अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर कार्रवाई की जाएगी।
ईओ नगर परिषद बलबीर सिंह ने कहा कि जिस एजेंसी को ठेका दिया गया है, उससे पूछा जाएगा कि लाइटें खराब क्यों पड़ी हैं। यदि ये ठीक नहीं हुई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।