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दिव्यांग युवती के नाम पर डाकिया खुद खा रहा था पेंशन के रुपये

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दिव्यांग युवती की पेंशन बंद होने के बाद भी डाकिया उसके नाम से पेंशन लेकर खुद रुपये खर्च कर रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब समाज कल्याण विभाग ने उसके परिजनों से चार साल की पेंशन की रिकवरी मांगी। इस संबंध में युवती के भाई ने पुलिस को शिकायत दी। जब पूछताछ हुई तो पता लगा कि परिजनों ने पेंशन से संबंधित कागजात युवती की निर्धारित आयु पूरी होते ही डाकखाने में जमा करवा दिए थे, लेकिन फिर भी डाकिया उसके नाम से पेंशन खुद खा रहा था। मामले में पुलिस ने आरोपी डाकिये के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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गांव मंडवाल निवासी गुरदेव सिंह ने राजौंद थाना में शिकायत दी कि उसकी बहन राजेंद्र कौर दिव्यांग हैं। उसे दिव्यांग की पेंशन मिलती थी। 2016 के बाद उसकी बहन की उम्र 18 साल हो गई तो वह पेंशन बंद हो गई और दूसरी पेंशन शुरू हो गई। परिवार को ज्ञान न होने के कारण उन्होंने पहले वाली पेंशन बंद नहीं करवाई और कॉपी डाकखाने में जमा करवा दी। कुछ दिन पहले समाज कल्याण विभाग से उन्हें सूचना मिली कि वे सरकार से फर्जी तरीके से पेंशन ले रहे हैं और अब तक 80543 रुपये प्राप्त कर चुके हैं। यह राशि उन्हें रिकवरी के तौर पर विभाग में जमा करवानी होगी। जब उन्होंने पूछताछ की तो पता चला कि यह राशि मंडवाल डाकघर के डाकिया विरेंद्र कुमार ने निकलवाई है। पेंशन की राशि 36100 रुपये अभी भी उक्त खाते में पड़ी है, जो डाकिया के अंगुलियों के निशानों का मिलान नहीं होने के कारण खाते में बची थी।
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