मंगलवार को जींद रोड स्थित पंचायत भवन में जिलेभर से दर्जनों अध्यापक एकत्रित हुए। यहां परिवार पहचान पत्र को लेकर आयोजित हुए शिविर का बहिष्कार किया गया। बीएलओ व प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्यों का आरोप है कि शिक्षकों द्वारा पहचान पत्र के तहत परिवार की आर्थिक जानकारी जुटाना मुश्किल है। इसके लिए कई गांवों में लोग सही जानकारी नहीं देते। लोगों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। यहां तक कि कई परिवार के सदस्य उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की बात कह रहे हैं। महिला अध्यापिकाओं को सर्वे का कार्य देर शाम तक करना पड़ता है। इससे महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए अन्यथा अध्यापक किसानों की तरह सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इसके विरोध में शिक्षकों ने पंचायत भवन में लगभग दो घंटे प्रदर्शन किया और बीडीपीओ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान सुरेश द्रविड़ ने कहा कि आय परिवार सत्यापन को लेकर सर्वे करवाया जा रहा है। इसको लेकर लोगों से जानकारी पूछते हैं तो वह सही तरीके से जानकारी नहीं देते। दूसरा कोरोना काल में एक साल बाद स्कूल बंद होने के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो पाई। अब स्कूल खुले हैं तो परिवार पहचान पत्र व कई गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यों से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इससे पहले भी शिक्षकों द्वारा इसका विरोध प्रदर्शन किया गया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इस मौके पर संदीप गिल, जेपी मौर, बलबीर, दलबीर, सुनिता, कृष्णा व भारती सहित अन्य अध्यापक मौजूद रहे।