छह साल तक हरियाणा में चेयरमैन रहे रॉकी मित्तल की पुराने मामले में गिरफ्तारी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रही हैं। परिजनों ने सवाल उठाया है कि मित्तल के खिलाफ कार्रवाई मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए गए बयानों के कारण हुई है। इससे पहले न्यायालय में पेशी के समय भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस कर्मियों ने न्यायालय ले जाते समय मीडिया कर्मियों को भी दूर करने का प्रयास किया। जहां रॉकी मित्तल ने सीधा सीएम पर हमला बोला और कहा कि चाहे जितने मर्जी केस दर्ज करवा लें, डरने वाला नहीं हूं। सीएम की नीतियों के खिलाफ लड़ता रहूंगा, मरते दम तक। सूचना मिलने पर नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम लाल गर्ग, जिला प्रधान अश्वनी शोरेवाला, राजकिशन रज्जी, राजपाल चहल सहित अनेकों आढ़ती पहले थाना शहर और फिर सीआईए-2 के बाहर पहुंचे। इसके बाद आढ़तियों का प्रतिनिधिमंडल डीएसपी से मिलने पहुंचा। जहां आढ़तियों ने मांग की कि रॉकी मित्तल के खिलाफ कोई बदले की भावना से कार्रवाई न की जाए। नियमानुसार जो भी कार्रवाई है, वह पुलिस का काम है।
इसी सरकार ने बनाया था चेयरमैन
वहीं रॉकी मित्तल के भाई सुरेश मित्तल ने कहा कि छह साल पुराने मामले में पुलिस ने जांच में उसके भाई को निर्दोष बताया था। अब जब रॉकी मित्तल सीएम के खिलाफ बयान दे रहे हैं तो उन्हें इस कार्रवाई में फंसाया गया है। यही सरकार थी, जिसमें रॉकी मित्तल चेयरमैन रहे। अब ऐसा क्या हो गया कि उन्हें गिरफ्तार गया।
बदले की भावना से की कार्रवाई
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा ने कहा कि यदि रॉकी मित्तल ने कोई गलत काम किया था तो भाजपा ने उससे भी बड़ा गलत काम किया कि उसे छह साल तक चेयरमैन बनाकर रखा। पुराने मामले को नए तरीके से उठाकर बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। कैथल पुलिस स्वयं मनीष मित्तल मामले में आज तक किसी की गिरफ्तारी नहीं कर पाई, जिसमें कार्रवाई की मांग को लेकर रॉकी मित्तल हजारों लोगों के साथ जाम लगा रहे थे।