नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन दो साल बाद फिर एक हो गई। दोनों गुटों ने श्यामलाल गर्ग को नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन का प्रधान चुन लिया। सर्वसम्मति से हुए चुनाव के बाद दोनों गुटों में बंटे आढ़तियों ने राहत की सांस ली है।
वर्ष 2019 के गेहूं के सीजन में आढ़ती एसोसिएशन के चुनाव में कृष्ण मित्तल वोटिंग में विजयी हो गए थे। इसके बाद एक गुट ने शमशेर मित्तल की अगुवाई में दूसरी एसोसिएशन बना ली थी। दो साल तक गेहूं और धान के सीजन में दोनों एसोसिएशन ने काम किया। सीजन में बारदाना उपलब्ध करवाने, आढ़तियों के लिए लाइसेंस आदि के लिए संघर्ष करने, भुगतान के लिए विभागों के साथ तालमेल बनाए रखने सहित एसोसिएशन के पास कई तरह की जिम्मेदारी होती है, लेकिन आढ़तियों के आपसी विवाद के कारण सीजन में आढ़तियों को उठान में रिश्वत देने सहित कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी कारण दोनों ओर से कई आढ़तियों का प्रयास था कि किसी तरह दो एसोसिएशन खत्म करके एक एसोसिएशन बनाई जाए।
पर्दे के पीछे की गई तैयारियों के बाद सोमवार को नई अनाज मंडी में स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में हुई दोनों संगठनों की संयुक्त बैठक में आढ़तियों ने आपसी विवादों को पीछे छोड़ते हुए एक एसोसिएशन बनाने का फैसला लिया, जिसमें एक एसोसिएशन के निवर्तमान प्रधान कृष्ण मित्तल ने श्यामलाल गर्ग के नाम का प्रस्ताव प्रधान पद के लिए रखा। धर्मपाल कठवाड़ व ऋषिपाल ने इसका अनुमोदन किया। सभी ने सर्वसम्मति से श्याम लाल गर्ग को प्रधान स्वीकार कर लिया। एसोसिएशन के निवर्तमान प्रधान कृष्ण मित्तल ने कहा कि आढ़तियों के हितों को देखते हुए एक एसोसिएशन बनाने का फैसला लिया गया है। सभी आढ़ती मिलकर अपने हकों के लिए काम करेंगे। किसानों, आढ़तियों व मजदूर भाईयों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने कहा कि एक एसोसिएशन बनाने से आढ़तियों का लाभ होगा। सभी आढ़ती इसके लिए बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा आढ़ती किसान आंदोलन का पूर्ण समर्थन करते हैं और सरकार से मांग है कि तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लिया जाए।
नवनिर्वाचित प्रधान श्याम लाल गर्ग ने कहा कि आढ़तियों के लाइसेंस हो या अन्य कोई समस्या, सभी पर विचार-विमर्श करते हुए समाधान का प्रयास किया जाएगा। सर्वसम्मति से प्रधान चुने जाने के लिए वे सभी आढ़तियों का आभार व्यक्त करते हैं। इस अवसर पर बीरभान जैन, देवीदयाल गर्ग, राजपाल चहल, महावीर मित्तल, ऋषिपाल सहित कई आढ़ती मौजूद थे।