जितेंद्र पांचाल
कैथल। शहर में पानी का बिल समय पर जमा नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने उपभोक्ताओं के पानी के बकाया बिलों की रिकवरी के लिए 35 सक्षम युवाओं की टीमें कार्य में लगाई है। सक्षम युवाओं की टीमें लगने के बाद विभाग की रिकवरी में काफी सुधार हुआ है। अब तक विभिन्न प्रकार के कनेक्शनों से 14 लाख 98 हजार रुपये की बिल रिकवरी हो चुकी है। यह रिकवरी संस्थानों और सरकारी कार्यालयों के बकाया बिल के आधे से भी ज्यादा बनती है। विभाग द्वारा यह रिकवरी, घरेलू, कॉमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल कनेक्शनों से की गई है। जिले में हजारों उपभोक्ताओं के पास विभाग के करीब साढ़े 15 करोड़ रुपये बिल के रूप में बकाया पड़े हैं। जिन उपभोक्ताओं के लंबे समय से लाखों रुपये पानी के बिल बकाया हैं, उन्हें विभाग की टीमों द्वारा चेतावनी के रूप में नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। ये टीमें अब तक 200 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर चुकी हैं।
रिकवरी के साथ कर रहीं जागरूक
ये टीमें पेयजल और सीवरेज के बकाया बिल तो जमा करवा ही रही हैं, साथ ही लोगों को जल बचाने के बारे में भी जागरूक कर रही हैं। टीमें शहर की विभिन्न कॉलोनियों में हजारों घरों में अब तक रिकवरी लेने के लिए और जागरूकता के लिए जा चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये टीमें एक बार पूरे शहर में घर घर जाएंगी। इस दौरान भी लोगों ने बकाया बिल नहीं भरे तो विभाग द्वारा ऐसे उपभोक्ताओं की लिस्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके।
शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालयों के बिल थे बकाया
गौरतलब है कि शहर में सैकड़ों घरेलू कनेक्शनों के अलावा दर्जनों बड़े शिक्षण संस्थानों व अधिकारियों के कार्यालयों में करीब 26 लाख रुपये के बिल बकाया थे। अमर उजाला ने पानी व सीवरेज के बकाया बिलों से संबंधित समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। उस दौरान विभाग के अधिकारियों ने जल्द से जल्द रिकवरी दर तेज करने की बात कही थी। अब युवाओं की टीमें इस कार्य में जुटी हैं।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीई सतपाल सिंह ने बताया कि सक्षम युवाओं की टीमें लगाने का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। बिल की रिकवरी में काफी सुधार हुआ है। अगर अब भी उपभोक्ता समय पर बिल जमा नहीं करवाते हैं तो उनकी लिस्ट उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाई जाएगी। जैसे आदेश होंगे, वैसे ही कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ी तो कनेक्शन काटे भी जा सकते हैं।