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विद्यार्थी बोले-हमें तो ढंग से चैप्टर के नाम तक नहीं पता, कैसे दें ऑफलाइन परीक्षाएं

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शहर के साथ लगते गांव शेरगढ़ स्थित राजकीय पॉलिटेक्रीक कॉलेज के विद्यार्थियों ने फरवरी में होने वाली ऑफलाइन परीक्षाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। कॉलेज की विभिन्न ब्रांचों से अलग-अलग सेमेस्टर में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी कॉलेज का गेट बंद कर मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए और कॉलेज प्रबंधन व हायर अथोरिटी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने कहा कि अगर प्रबंधन ने उन पर ऑफलाइन परीक्षाएं देने का दबाव बनाया तो वे परीक्षा का पूर्ण रूप से बहिष्कार कर यहीं धरने पर बैठ जाएंगे। जब तक ऑफलाइन के फैसले का नहीं बदला जाएगा, तब तक यहीं बैठकर रोजाना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान किसी प्रकार की कक्षाएं भी नहीं लगाई जाएंगी।
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प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थी मधुर वर्मा, हर्ष कुमार, कुनाल, शुभम, विकास, महावीर, सचिन, अमन साहिल, सुखदेव, प्रिंस व अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि उनकी कक्षाएं कोरोना के दौरान सितंबर माह में ऑनलाइन लगाने की बात कही गई थी। तब से लेकर अब तक कक्षाएं न के बराबर ही लग पाई हैं। कुछ दिन पहले ही ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने की बात कही गई, लेकिन उसमें भी ढंग से पढ़ाई नहीं हो सकी। वे फरवरी में होने वाली परीक्षा के लिए तैयार नहीं हैं। उनका अभी तक तो सिलेबस भी पूरा नहीं हुआ है।
रोष जताते हुए विद्यार्थियों ने कहा कि हायर अथोरिटी ने तो विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाएं अटैंड करने के निर्देश दे दिए, लेकिन जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल नहीं थे, वे पूरी तरह से कक्षाओं से वंचित रहे। इसके अलावा गांव से आने वाले थोड़े बहुत विद्यार्थियों के पास मोबाइल था भी तो वे नेटवर्क नहीं होने के कारण सही ढंग से नहीं पढ़ सके। उन्हें तो चैप्टरों के नाम तक सही ढंग से नहीं पता हैं। ऐसे में वे ऑफलाइन परीक्षा देने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं।
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प्रबंधन और हायर अथोरिटी दोनों एक दूसरे पर टाल रहे बात
सिविल ब्रांच के विद्यार्थी मधुर वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाएं सही नहीं लग पाई, दूसरा ऑफलाइन में भी कोरोना के कारण सही ढंग से पढ़ाई नहीं हुई। संस्थान प्रबंधन को कहा तो उन्हें हायर अथोरिटी से बातचीत करने को कहा गया। अथोरिटी को लिखा तो जवाब मिला कि संस्थान में बात करो।
ऑफलाइन पेपर के अनुसार नहीं हुई तैयारी
विद्यार्थी हर्ष ने कहा कि ऑफलाइन पेपर देने के लिए कोई विद्यार्थी तैयार नहीं है। अगर जबरदस्ती पेपर करवाया भी जाए, तो तकरीबन सभी विद्यार्थियों की री आएगी। अगर इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो वे परीक्षा नहीं देंगे और कॉलेज के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे।
परीक्षा का बहिष्कार कर देंगे धरना
छात्र कुनाल ने कहा कि उनका अभी तक सिलेबस पूरा नहीं करवाया। किसी-किसी बच्चे के पास तो मोबाइल तक नहीं है। अब वे धरना देकर बैठेंगे और ऑफलाइन पेपर लिया तो धरना जारी रहेगा और परीक्षा का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
अथोरिटी के निर्देश अनुसार होंगी परीक्षाएं
कॉलेज के प्रिंसिपल आशीष मेहता ने कहा कि कुछ बच्चों ने ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लास अटैंड नहीं की। वे ऑफलाइन परीक्षा का विरोध कर रहे हैं। इसमें कॉलेज की कोई कोताही नहीं है। कुछ बच्चों ने मोबाइल व अन्य सुविधाएं होते हुए भी क्लास नहीं लगाई। उन्होंने कहा कि वे खुद भी बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाते हैं। ऑफलाइन परीक्षा के लिए हायर अथोरिटी ने कहा है। उन्होंने कहा कि धरने के बारे में भी हायर अथोरिटी से बातचीत करेंगे। जैसे आदेश होंगे, उसी अनुसार परीक्षाएं होंगी।
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