नगर परिषद द्वारा बकाया टैक्स जमा कराने को लेकर तीन बार छूट की अवधि बढ़ाई जा चुकी है। लेकिन इसके बाद भी निजी और सरकारी संपत्तियों पर 15 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें सरकारी विभागों पर ज्यादा टैक्स सालों से बकाया है। जहां से जिले का प्रशासन चलता है, उस लघु सचिवालय पर भी 26 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टेक्स बकाया है। जिसकी वसूली के लिए एक साल में तीन बार छूट की समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है। अब 31 दिसंबर के बाद फिर से स्थानीय निकाय विभाग ने परिषद के बकाया प्रॉपर्टी टेक्स वसूली की स्कीम को बढ़ाकर 31 मार्च 2021 कर दिया है।
सरकारी विभागों पर बकाया प्रॉपर्टी टेक्स
लघु सचिवालय 26 लाख
जिला अस्पताल 24 लाख
वाटर सविसज विभाग 20 लाख
डीएसपी आवास 5.98 लाख
पीडब्ल्यूडी 3 लाख से अधिक
टेलीफोन एक्सचेंज 16 लाख से अधिक
शुगर मिल 2.39 करोड़ रुपये
2011 से अब तक बकाया है टैक्स
परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार सरकारी व निजी संपत्तियों पर शहर में वर्ष 2011 से अब तक का करीब 15 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें संबंधित संस्थाओं को नोटिस भेजकर प्रॉपर्टी टेक्स जमा करवाने के लिए कहा गया है। कई विभाग व निजी प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से कोई रिस्पॉंस नहीं आ रहा है।
ऐसे मिलेगी टैक्स पर छूट
स्थानीय निकाय विभाग ने प्रॉपर्टी टेक्स जमा करवाने के लिए छूट की स्कीम लागू की थी। जो 31 जुलाई 2020 तक लागू की थी, फिर इसकी तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 की गई। अब इसकी समय सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2021 कर दी गई है। इस योजना के तहत वर्ष 2011 से 2017 तक का सारा टेक्स एकमुश्त जमा करवाने पर 25 प्रतिशत, 2017 से 2020 तक का टेक्स जमा करवाने पर 10 प्रतिशत व पिछले तीन साल में लगातार प्रॉपर्टी टेक्स जमा करवाने वालों को अच्छा टेक्स पेयर मानते हुए 10 प्रतिशत प्रॉपर्टी टेक्स में छूट दी गई है।
सर्वे का रिकार्ड के साथ किया जा रहा मिलान
प्रॉपर्टी टेक्स ब्रांच इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि शहर की सभी तरह की प्रॉपर्टियों का अब एक बार फिर सर्वे किया गया है। इनके सर्वे का अब रिकॉर्ड के साथ मिलान किया जा रहा है। सरकारी विभागों को भी प्रॉपर्टी टेक्स जमा करवाने के लिए कई बार सूचना भेजी जा चुकी है। सरकार को भी अलग से इसकी सूचना भेजी जा चुकी है। जिसमें से कुछेक विभाग जमा करवा देते हैं, कुछेक का लंबित है। यह 18 करोड़ से कुछ कम होकर करीब 15 करोड़ तो पहुंचा है, लेकिन अभी भी काफी प्रॉपर्टी टेक्स बकाया है।