फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ की तर्ज पर तैयार होगा कलायत की निकासी का मॉडल

विज्ञापन
विज्ञापन
नगर को पानी निकासी की समस्या के जंजाल से बाहर निकालने के लिए उप मंडल प्रशासन ने चंडीगढ़ की तर्ज पर निकासी का मॉडल तैयार करने का निर्णय लिया है। जिला और कलायत प्रशासन सांझा कार्यक्रम चलाएगा। एसडीएम डॉ. संजय कुमार की अध्यक्षता में नगर में आयोजित बैठक में इस महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें नगर पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि सलिंद्र प्रताप राणा, नगर पार्षद आरएस धानियां, महिला पार्षद प्रतिनिधि बीडीबंसल, सिंचाई विभाग कार्यकारी अभियंता बनारसी दास जागलान, एसडीओ तरसेम गर्ग, जन स्वास्थ्य विभाग कार्यकारी अभियंता एमएस राणा, एसडीओ सुरेंद्र कुमार, कनिष्ठ अभियंता अजय ढुल, विभिन्न विभागों के अधिकारी और किसानों ने सुझाव रखे। पेयजल और निकासी विभाग से जुड़े विभिन्न विभागों ने सांझे कार्यक्रम में कदम से कदम मिलाकर चलने का निर्णय लिया। एसडीएम डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जो कार्ययोजना तय की जा रही है उसके तहत सीवरेज पानी के शुद्धीकरण के लिए अनाज मंडी में जन स्वास्थ्य विभाग एसटीपी के नजदीक करीब पांच एकड़ रकबे में विशेष तरह के टैंक बनाए जाएंगे। इनमें पानी का शुद्धीकरण कर पर्यावरण प्रदूषण से मानवीय जीवन को बचाया जाएगा। इस पानी को निथारकर किसानों के प्यासे खेतों की सिंचाई की जाएगी। जबकि बाढ़ की समस्या आने पर ये टैंक कृषि और आवासीय क्षेत्र के लिए वरदान का काम करेंगे। सुचारु रूप से निथारे गए पानी को निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबी लाइन कपिल मुनि ड्रेन के अंदर से बिछाई जाएगी।
विज्ञापन

महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने चंडीगढ़ में 8 जनवरी को कलायत क्षेत्र की पानी निकासी, पेयजल और विकास योजनाओं को लेकर अधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें अधिकारियों को शीघ्रता से समस्या के हल के निर्देश दिए थे। कलायत में ड्रेन के ओवर फ्लो होने से खेतों में गुस्से पानी से किसानों में भारी रोष था। उन्होंने प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। खफा किसान किसी भी सूरत में अधिकारियों से बातचीत करने को तैयार नहीं थे। नगर पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि सलिंद्र प्रताप राणा ने किसानों से सौहार्द पूर्ण माहौल में वार्ता की। आखिरकार किसान शांत हो गए और प्रशासन का सहयोग देने का भरोसा दिलाया। प्रशासन और किसानों के तालमेल की राह तैयार होने से अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें