संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ड्योढ़ खेड़ी गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार को सिलिंडर लीकेज से लगी आग ने बड़ा हादसा होने से पहले ही पूरे भवन को तहस-नहस कर दिया। गनीमत रही कि इस दौरान वहां मौजूद चार आंगनबाड़ी कर्मियों और करीब 20 बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शीला ने जैसे ही रेगुलेटर ऑन किया, गैस रिसाव से सिलिंडर में आग लग गई। मौके पर रखे चार सिलिंडरों में से दो में आग पकड़ ली, जबकि एक सिलिंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना तेज था कि लपटें कमरे की छत फाड़ते हुए तीन मंजिल ऊंचाई तक जा पहुंचीं। जिस कमरे में सिलिंडर रखा था, उसकी छत की सभी कड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
धमाके के समय बच्चे दूसरे कमरे में थे, जिससे उनकी जान बच गई। हादसे की सूचना मिलते ही गांववासी मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
आग की लपटों ने तीन कमरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पंखे, मोटर, बिजली के तार और खिड़की-दरवाजों के शीशे भी नष्ट हो गए। मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस हादसे में करीब 4 से 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आंगनबाड़ी कर्मियों की सूझबूझ से बच्चे और स्टाफ सुरक्षित बच गए, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था।
36 कैथल। ड्योढ़ खेड़ी में मकान में लगी आग बुझाते दमकल विभाग के कर्मी। संवाद
36 कैथल। ड्योढ़ खेड़ी में मकान में लगी आग बुझाते दमकल विभाग के कर्मी। संवाद