नोटबंदी के बाद बैंकों में लगी लाइनों से छुटकारा पाने के लिए लोग अब इंटरनेट बैंकिंग जैसे विकल्पों की ओर मुड़ना शुरू हो गए हैं। हर रोज बैंकों में करीब 100 से ज्यादा आवेदन ऐसे आ रहे हैं, जिसमें लोग अपने खाते पर नेट बैंकिंग सेवाएं शुरू करवा रहे हैं। ताकि उन्हें बैंकों के चक्कर ना काटने पड़ें और वे अपने घर से ही लेन-देन कर लें। हालांकि जो बैंक अकाउंट खुलने के साथ ही नेट बैंकिंग की सुविधा देता है। वहां पर अभी तक लोगों की भीड़ नहीं जुट रही। बैंकों के बाहर भी इन सुविधाओं को लेकर बैंक प्रबंधन द्वारा सूचना पत्र चस्पाये गए है। इसके साथ ही दुकानदार कैश के अभाव में बैंकों में स्वाइप मशीनों के लिए भी तेजी से आवेदन कर रहे है। इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से कैश लैस प्रणाली की जागरुकता को लेकर सभी बैंकों में ट्रेनरों को रखा गया है। जो ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग के लिए प्रेरित करते हैं।
पहले आती थी 10 एप्लीकेशन अब 200 के पार
जींद रोड स्थित एसबीआई के सहायक मैनेजर टीएल बैंस ने बताया कि पहले नेट बैंकिंग के लिए रोजाना केवल 10 से 20 एप्लीकेशन आती थी। लेकिन जब से नोटबंदी हुई है। उसके बाद से प्रतिदिन नेट बैंकिंग 100 से अधिक एप्लीकेशन आ रही हैं। उपभोक्ता नेट बैंकिंग शुरू करवाकर खुद ही अपने खाते के लेन-देन के लिए प्रयास करने लगे हैं।
15 दिनों में 10 लोगों ने स्वाइप मशीनों के लिए किया आवेदन
इसी प्रकार पंजाब नैशनल बैंक मैनेजर मुकेश कुमार ने बताया कि नोटबंदी के बाद लोग बैंकिंग की ओर अधिक आ रहे है। जिसके तहत जिन लोगों का बैंक का अकाउंट नहीं था। उन्होंने खाता खुलवाकर चेक बुकों के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा दुकानदार स्वाइप मशीनों के लिए भी तेजी से आवेदन दे रहे। पिछले 15 दिनों में 10 लोगों ने स्वाइप मशीनों के लिए आवेदन किया है।
बैंकों में कैश नहीं मिला तो नेट बैंकिंग को अपनाया
गांव संगतपुरा निवासी तरसेम ने बताया कि वह छात्र है। लेकिन घर में बड़ा होने के कारण रुपयों का लेन देन उसी के हाथ है। उसने बताया कि पिछले 15 दिनों से बैंक के चक्कर काट रहा था। रुपये अधिक चाहिए थे मगर मिल कम रहे थे। लेकिन बाद में नेट बैंकिंग के लिए आवेदन दिया और अब खरीददारी के सभी काम नेट-बैंकिंग से कर रहा हूं।
नेट बैंकिंग से मिली राहत
डोगरा गेट व ऋषि नगर निवासी पूजा व सपना ने बताया कि उनका खाता पीएनबी बैंक में है। नोटबंदी के बाद खरीदारी करने के लिए घंटों लाइन में लगने के बाद रुपये नहीं मिलते थे। भारी परेशानी होती थी। अब इंटरनेट बैंकिंग को अपनाया है।
ऐसे करें आवेदन
नेट-बैंकिंग के आवेदन की प्रकिया बिल्कुल सरल है। इसके लिए केवल बैंक में खाता होना अनिवार्य है। जिसके बाद एक प्रार्थना पत्र पर अपनी अकाउंट की इंफॉरमेशन के साथ अन्य विकल्पों को भरकर फार्म देना होता है। इसके अलवा इंटरनेट बैंकिंग के लिए उपभोक्ता बैंक की साइट पर रजिस्ट्रेशन करवाकर नेट बैंकिंग के आवेदन कर सकते हैं।
ऐसे करें इंटरनेट बैंकिंग
जिस भी व्यक्ति का बैंक में खाता है। वह बैंक की वेबसाइट पर जाकर नेट बैंकिंग के ऑप्शन में क्लिक करें। यहां उपभोक्ता की एक आईडी बनेगी। जिसका पासवर्ड भी उपभोक्ता के फोन पर आएगा। इस पासवर्ड के साथ वह अपना खाता खोलकर लेन-देन कर सकता है। इसके लिए एटीएम होना जरूरी है। नेट बैंकिंग के माध्यम से एनईएफटी, आरटीजीएस हो सकती है। एफडी को बना सकता है ओर तोड़ भी सकता है। क्रेडिट कार्ड का भुगतान व पीएफ खाते में भी लेन-देन कर सकता है। साथ ही खरीददारी के लिए नेट बैंकिंग से भुगतान किया जा सकता है।
लीड बैंक मैनेजर टीके राणा ने कहा कि अब नेट बैंकिंग लोगों की जरूरत बन गया है। बैंकों में इस संबंध में आवेदन आ रहे हैं। यह काफी आसान और सुरक्षित है।