नोट बंदी के 14 दिन बाद भी बैंकों में स्थिति सामान्य होने का नाम नहीं ले रही। सरकार के आदेशानुसार केवल बैंक में खाता धारक ही नोट बदलवा सकता है। इससे बैंकों के बाहर भीड़ कुछ कम होने के आसार नजर तो आए। लेकिन पिछले दो दिनों से बैंकों के बाहर अधिक भीड़ उमड़ी है। शहर के अधिकतर बैंकों में दोपहर से पहले ही राशि खत्म हो गई। जिसके चलते रुपये निकलवाने आए लोगों और पेंशन लेने आए बुजुर्गों को भारी कठिनाई हुई।
एचडीएफसी बैंक, करनाल रोड स्थित एसबीआई, यूको बैंक और यूनियन बैंक में दोपहर बाद ही नकदी खत्म हो गई। इसके अलावा अंबाला रोड स्थित पीएनबी, एसबीआई की मेन ब्रांच के बाहर लंबी लाइन लगी। बुधवार को शहर के एटीएम की भी स्थिति काफी दयनीय रही। शहर में जो एटीएम चालू थे, वह लोगों के साथ आंख मिचौली खेलते नजर आए। मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को शहर में केवल तीन एटीएम चालू रहे। लेकिन केवल दो घंटे बाद ही वहां पर लोगों की भीड़ के कारण कैश खत्म हो गया। इसके अलावा बैंकों में आरटीजीएस का चेक जमा करवाने वाले लोगों को भी लाइन में लगना पड़ा। जिस पर उन्होंने बैंकों के बाहर चेक वालों की भी अलग लाइन बनाने की मांग की।
नकदी के अभाव में मिले केवल पांच हजार रुपये
गांव कठवाड़ निवासी भरता राम ने बताया कि एक सप्ताह बाद उसके बेटे मुकेश की शादी है। उसके खाते में 50 हजार रुपये हैं। सरकार के आदेश अनुसार 24 हजार रुपये निकलवाने है। उसने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से बैंक आ रहा है। चौथे दिन आज चार घंटे लाइन में लगने के बाद केवल पांच हजार रुपये ही निकले है।
चेक जमा करवाने वालों की हो अलग लाइन
अंबाला रोड स्थित पीएनबी बैंक में आरटीजीएस द्वारा चेक जमा करवाने पहुंचे अमृत लाल, राजेंद्र और सुशील ने बताया कि केवल च