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शुभ्रा गुहा की मधुर आवाज और हल्दीपुरी की सुरीली तान ने किया मंत्रमुग्ध

Tue, 31 Jan 2017 12:38 AM IST
ब्यूरो कैथल
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वोकल कलाकार का कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा स्वर्ण जयंती उत्सव वर्ष के तहत स्वर्ण जयंती प्राधिकरण ने एचसीटीएम एवं आईजी कॉलेज में कार्यक्रमों का आयोजन किया। एचसीटीएम में प्रसिद्ध वोकल कलाकार शुभ्रा गुहा ने अपनी सुरीली आवाज में शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्र मुग्ध किए रखा। वहीं आईजी कॉलेज में बांसुरी वादक नित्यानंद हल्दीपुरी की सुरीली तान पर सभी मोहित हो गए। हरियाणा सरकार गत एक नवंबर से आगामी 31 अक्टूबर तक हरियाणा स्वर्ण जयंती उत्सव वर्ष के रूप में मना रही है। इस दौरान प्रदेश के युवाओं को संगीत की विभिन्न विधाओं तथा भारतीय समृद्ध संस्कृति से जोड़ने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। स्वर्ण जयंती प्राधिकरण द्वारा सोसायटी फॉर प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंग यूथ (एसपीआईसी-एमएसीएवाई) के माध्यम से संगीत की विभिन्न विधाओं के प्रसिद्ध कलाकारों से कार्यक्रम प्रस्तुत करवाए जा रहे हैं।
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शुभ्रा गुहा ने अपने शास्त्रीय गायन के माध्यम से भीम प्लासी राग प्रस्तुत किया, जो दिन के तीसरे पहर में गाया जाता है। शास्त्रीय गायन के दौरान तबले पर मिथलेश झा तथा हारमोनियम पर सुमित मिश्रा ने संगत की। शुभ्रा गुहा स्वर्ण जयंती उत्सव वर्ष के दौरान सुबह कुरुक्षेत्र में भी शास्त्रीय गायन का कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुकी हैं। उन्होंने शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक डी.पी. गुप्ता, समन्वयक विनोना सेठी, मेजर जे.सी. भाटिया सहित अन्य प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षण स्टाफ एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

इसी प्रकार से प्रसिद्ध बांसुरी वादक नित्यानंद हल्दीपुर ने बांसुरी की ऐसी तान छेड़ी की दर्शक उनकी बांसुरी की सुरीली धुन पर भाव-विभोर हुए बिना नहीं रह सके। बांसुरी वादन में उनका साथ बनारस घराना के मशहूर तबला वादक विनोद लैले ने दिया। हल्दीपुर ने बांसुरी वादन में राग ललित प्रस्तुत किया, जो सुबह का राग है। यह राग भक्ति रस और विरह रस का मिश्रण है। बांसुरी वादन ने यहां श्रोताओं को एक अलग राग का रसास्वादन करने का मौका मिला। बांसुरी वादन उनके बचपन का शौक रहा है तथा यह कला उन्हें विरासत में मिली है। उनका कहना था कि उनके पिता निरंजन प्रसिद्ध बांसुरी वादक पन्ना लाल घोष से बांसुरी वादन की शिक्षा ग्रहण करते थे। इसी दौरान उनकी दिलचस्पी बांसुरी वादन में हुई तथा वे 7 वर्ष की आयु में ही बांसुरी वादन से जुड़ गए। उन्होंने कहा कि वे मुंबई आकाशवाणी केंद्र से लगातार 22 वर्षों तक जुड़े रहे हैं तथा गत दिनों सेवानिवृत्त हुए हैं। बांसुरी वादन में उनका साथ दे रहे विनोद लैले प्रसिद्ध बनारस घराना के तबला वादक वर्तमान में दिल्ली में फ्री लांसर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस अवसर पर प्रबंधन समिति के प्रधान जगदीश बहादुर खुरानिया, प्रिंसिपल साधन ठुकराल सहित कालेज का शिक्षण व गैर शिक्षण स्टाफ मौजूद रहा।
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