बोली शुरू होने से पहले ही दोनों पक्ष आपस में भिड़ पड़े।
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नगर पालिका चीका की 543 एकड़ कृषि योग्य जमीन की बोली को लेकर दो पक्ष आपस में भीड़ गए। एक पक्ष चाहता था कि बोली करवाई जाए जबकि दूसरा पक्ष बोली रुकवाने आया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। इस झगड़े में दो लोगों को सिर में चोटें आई हैं। पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कर दिया। लेकिन विरोध के कारण बोली को स्थगित करना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका अधिकारियों ने पालिका की 543 एकड़ भूमि के लिए बोली का आयोजन किया। जिसमें एक पक्ष बोली के लिए आया था तो दूसरा पक्ष विरोध में। बोली शुरू होने से पहले ही दोनों पक्ष आपस में भिड़ पड़े। जिसमें दो लोगों को सिर में चोटें आईं। बाद में पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव करके मामले को शांत करवाया।
इसी बीच सीपीएम और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बोली के लिए तय पालिका हाल में घुसने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सीपीएम नेता कुंदन लाल व आप के संयोजक जगजीत सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अपने कुछ चहेते लोगों को जमीन देने के लिए उनकी पालिका हाल में एंट्री करवाकर पालिका के सीढ़ियों वाला गेट बंद करवा दिया है।
हालांकि नगर पालिका प्रशासन ने जमीन की बोली करवाने के लिए 11 बजे का वक्त तय किया था मगर लोग 10 बजे से ही पालिका दफ्तर के आसपास जमा होने शुरू हो गए। नगर पालिका की प्रशासक एवं एसडीएम गुहला कमलप्रीत कौर भी अभी पालिका आई नहीं थी कि उससे पहले ही झगड़ा शुरू हो गया। उस वक्त मौके पर पुलिस के मात्र चार पांच कर्मचारी ही मौजूद थे। अखिल भारतीय किसान सभा ने प्रशासन द्वारा करवाई जा रही बोली का सख्त शब्दों में विरोध करते हुए कहा कि अब बोली करवाने का कौन सा तुक %