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हड़ताल की धमकी दी आढ़तियों ने, डीसी बोले कि जाओ कर लो हड़ताल

Sat, 08 Apr 2017 10:48 PM IST
ब्यूरो कैथ्ाल
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 नियमों का हवाला देकर लायसेंसों का नवीनीकरण रोके जाने से खफा आढ़तियों ने जब डीसी को हड़ताल की चेतावनी दी तो वे भड़क गए। डीसी बोले कि जाओ कर लो हड़ताल। मैं एग्रीकल्चर सोसाइटी के माध्यम से खरीद करवा लूंगा लेकिन किसानों को परेशान नहीं होने दूंगा। डीसी कैथल संजय जून गेहूं खरीद प्रबंधों का जायजा लेने शनिवार को चीका आए थे। आढ़तियों का प्रतिनिधिमंडल प्रधान जयपाल गर्ग की अगुवाई में उनसे मिलने नई अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी दफ्तर गया था। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान जयपाल गर्ग ने डीसी के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए बताया कि अनाज मंडी में पिछले 40 सालों से आढ़ती अपना कारोबार कर रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि मार्केट कमेटी प्रशासन ने इस बार अनेकों आढ़तियों के लायसेंस रिन्यू करने से इनकार कर दिया है। प्रधान ने कहा कि मार्केट कमेटी प्रशासन इस इनकार के पीछे बोर्ड के उन नियमों का हवाला दे रहा है जिसके तहत अनाज मंडी की दुकानों के मूल प्लाट में अधिक से अधिक 1 और यदि ब्लड रिलेशन है तो दो लायसेंस हो सकते हैं। प्रधान ने कहा कि यह नियम तो पहले भी होंगे लेकिन कभी भी किसी भी अधिकारी ने इनका जिक्र तक नहीं किया और आए साल आढ़तियों के लायसेंसों का नवीनीकरण हो जाता रहा है। इस पर डीसी संजय जून ने कहा कि वे अपनी तरफ से सरकार को इस मसले पर लिखेंगे। पर होगा वही जो नियम कहता है। इस पर प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक आढ़ती ने चेतावनी भरे लहजे में कह दिया कि अगर उनके लायसेंस रिन्यू ना किए गए तो हड़ताल कर देंगे और अनाज मंडी में गेहूं की खरीद नहीं करने देंगे। इस पर डीसी संजय जून भी गुस्से से भर गए और स्पष्ट कहा कि जिसने हड़ताल करनी है कर ले। सरकार के पास बहुत रास्ते हैं। हम एग्रीकल्चर सोसाइटी के माध्यम से खरीद का काम करवा लेंगे पर किसानों को परेशान नहीं होने देंगे।
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..फिर आढ़ती हुए नरम
डीसी को गरम होते देख आढ़ती नरम हो गए और आपसी सलाह मशविरे की बात कहकर दफ्तर से बाहर निकल आए। सारा प्रतिनिधिमंडल आपसी बातचीत करके फिर अंदर गया और डीसी से विनम्र गुहार लगाई कि लायसेंसों का नवीनीकरण उनके जीवन मरण का प्रश्न है। हर आढ़ती का लाखों रूपया किसानों के पास चला हुआ है और अब घफसल आने का समय हुआ तो आढ़ती को खरीद बेच सिस्टम से बाहर होना पड़ सहकता है। आढ़तियों ने कहा कि उनकी जीवन भर की पूंजी का सवाल है इसलिए डीसी खुद मार्किटिंग बोर्ड में बात करके आढ़तियों को राहत दिलाएं। अब डीसी भी नरम पड़ गए और उन्होंने आढ़तियों को ठोस आश्वासन दिया कि इस मसले पर उनसे जो बन पड़ा, जरूर करवाएंगे।
 
दुकानें कम हैं और लाइसेंस दुगने
ब्लड रिलेशन के लायसेंस भी गिनती भर के ही हैं। इस बार ऊपर से आए आदेशों का हवाला देकर मार्केट कमेटी चीका के अधिकारियों ने केवल उन्हीं लायसेंसों को रिन्यू करने पर हामी भरी है जो एक दुकान एक लायसेंस की शर्त पूरी करते हों।  अगर ये नियम लागू हो गया तो चीका मंडी के 100 से अधिक आढ़ती संकट में पड़ जाएंगे।
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वहीं बैठे बैठे डीसी संजय जून ने हेफेड अधिकारियों को बुलाया और तहसीलदार को साथ लेकर अनाज मंडी में तुरंत खरीद शुरू करने के आदेश दिए।
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