सरकार द्वारा निजी बसों को परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने मंगलवार को भी रोडवेज की बसें पूरी तरह से बंद रखी। जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कैथल डिपो को करीब 15 लाख रुपये का घाटा हुआ है।
सुबह भारी संख्या में एकत्रित कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार और आरटीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। दूसरे दिन की हड़ताल में कई यूनियन के राज्य स्तर के नेता कर्मचारियों के बीच में पहुंचे। डिपो में रोडवेज कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान सरबत सिह पुनिया, दलबीर किरमारा पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित भी किया। रोडवेज कर्मचारियों की इस हड़ताल में भारतीय मजदूर संघ, सर्व कर्मचारी महासंघ, क्लेरिकल एसोसिएशन, इंटक, संयुक्त कर्मचारी तालमेल कमेटी व कर्मचारी यूनियन शामिल रही। कर्मचारी यूनियन के राज्य स्तर के नेता सरबत सिह पुनियां व दलबीर किरमारा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 273 रूटों पर प्राइवेट बस परमिट जारी किए हैं, जिस कारण रोडवेज कर्मियों में रोष है। जब तक सरकार द्वारा इस पॉलिसी को रद्द नहीं किया जाता तब तक यह हड़ताल अनिश्चितकालीन जारी रहेगी। इस मौके पर ज्ञान सिंह राठी, संयुक्त कर्मचारी तालमेल कमेटी के डिपो प्रधान राजबीर भाना, रामफल सिरटा, सोनू शमशेर जांगडा, ज्ञान सिंह राठी, बलवान सिंह कुंडु, खुशी राम, सुरेश कुमार, नरेश शर्मा, संजय फोगाट, जसविन्द्र सिंह, बलकार सिंह, मोहन लाल, धमेंद्र सीवन, सोहन लाल, ऋषि भाणा, सतपाल शर्मा, सज्जन कुमार, सूबे सिह, रविंद्र कुमार, नरेश राणा, मदन लाल, मदन लाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
दूसरे दिन भी रहा बसों का चक्का जाम :-बस अड्डे के बाहर दिनभर यात्रियों का भारी हजूम उमड़ा रहा। वे बसों का चक्का जाम होने के कारण दिनभर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दिनभर इधर से उधर भटकते रहे। विद्यार्थियों को काफी परेशानियां हुईं। या तो उन्हें अपने वाहनों के माध्यम से आना पड़ा या फिर उन्हें छुट्टी करनी पड़ी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में निजी बसों के न चलने के कारण कॉलेज में आने वाले विद्यार्थी कॉलेज में नहीं पहुंच सके।
निजी वाहन चालकों की हुई चांदी:-
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के बाद से निजी बस संचालकों व अन्य वाहन चालकों की खूब चांदी बन रही है। यात्रियों व विद्यार्थियों को मजबूरन ने निजी बसों में छत पर लटककर यात्रा करनी पड़ रही है। इसके अलावा आसपास के गांवों में जाने वाले लोगों को ऑटो व अन्य वाहनों में अधिक किराया देकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा।
एसएफआई ने हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया है। एसएफआई के राज्य उपप्रधान गौरव शर्मा, जिला प्रधान सुरजीत, जिलासचिव मंजीत सिंह ने बताया कि सोमवार शाम को रोडवेज कर्मचारियों की तालमेल कमेटी ने निजी बस परमिट जारी किये जाने के खिलाफ और जींद में निजी बस संचालकों द्वारा रोडवेज कर्मियों पर मारपीट करने के खिलाफ व अन्य मांगों को लेकर मजबूरन हड़ताल का निर्णय लिया।
रोडवेज की हड़ताल के चलते यात्री रहे परेशान
ढांड। रोडवेज की हड़ताल के कारण ढांड का बस स्टैंड दिनभर सुनसान रहा। यात्रियों को अपने स्थान पर जाने के लिए बसों के इंतजार में दिनभर इधर-उधर भटकना पड़ा। कस्बा के पंचमुखी चौक व बिजली चौक पर यात्रियों की भारी भीड़ लगी रही। स्कूल व कालेज आने जाने वाले छात्र-छात्राएं हड़ताल के चलते समय पर नही पहुंच पाए। छात्र साहिल कुमार, अरविंद शर्मा, दिनेश कुमार, रोहित, कोमल, सोनिया, संगीता ने बताया कि सुबह 7 बजे से अपने कालेज जाने के लिए ढांड बस स्टैंड पर बस की इंतजार में खड़े है। लेकिन कोई भी सरकारी बस नही आई है।
गृह सचिव एवं डीजीपी ने दिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश:-
गृह सचिव रामनिवास तथा डीजीपी केपी सिंह ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी डीसी को रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के दृष्टिगत कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। डीसी संजय जून ने कहा कि जिला में कानून व्यवस्था हर हालत में कायम रखी जाएगी। रोडवेज हड़ताल के कारण जो वैकल्पिक वाहन मोटर वाहन एक्ट के तहत चल रहे हैं, उन्हें कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी। रोडवेज के कर्मचारी शांतिपूर्ण धरना दे सकते हैं, लेकिन कानून व्यवस्था हर कीमत पर बनाई रखी जाएगी।