एसीबी टीम की हिरासत में आरोपी चालक।
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हरियाणा के कैथल में रोडवज का चालक गिरफ्तार हुआ है। आरोपी को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रिश्वत लेते पकड़ा है। एंटी करप्शन ब्यूरो कैथल की टीम ने सोमवार शाम के समय नए बस स्टैंड पर बने चालक प्रशिक्षण केंद्र से एक चालक को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का प्रशिक्षण लेने आ रहे युवक ने आरोपी चालक हाकम सिंह पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। आरोपी चालक मूल रुप से खरकड़ा गांव का निवासी है और वह बस स्टैंड पर बने हैवी ड्राइविंग लाइसेंस का प्रशिक्षण केंद्र पर कार्यरत है।
इस मामले में चालक के सोमवार सुबह के समय ही कलायत के बात्ता गांव निवासी अंकुश ने चालक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। फिर दोपहर के समय एसीबी ने इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन कर बस स्टैंड पर दबिश दी। इस दौरान उसे रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। वहीं, शिकायतकर्ता अंकुश एक और चालक जोरा सिंह पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। अंकुश ने बताया कि डोहर गांव निवासी चालक जोरा सिंह भी इस चालक के साथ रिश्वत मांग रहा था, लेकिन वह सोमवार को मुरथल में एक ट्रेनिंग में गया हुआ था। इसके चलते उसने हाकम सिंह को ही रिश्वत देने के लिए कहा।
अंकुश ने यह भी आरोप लगाया कि उसने एक अंडर ट्रेनिंग चालक से टेस्ट में पास कराने की एवज में तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता की सूचना पर यह कार्रवाई की गई।
अकुंश ने बताया कि इस समय वह कैथल रोडवेज के हेवी ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में 45 दिन के चालक का प्रशिक्षण ले रहा है और उसे प्रशिक्षण शुरू हुए अभी 15 दिन ही हुए थे। इस दौरान उसे प्रशिक्षण दे रहे चालक हाकम सिंह ने उसे यह कहकर डराया कि अगर उसने तीन हजार रुपये नहीं दिए तो उसे टेस्ट में फेल कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उसकी गैर हाजिरी भी लगा देगा। अंकुश ने बताया कि गैर हाजिरी लगाने पर 1780 का जुर्माना लगता है। ऐसे में वह गैर हाजिरी लगाने का भी डर दिखाता था। प्रशिक्षण लेने की फीस ही 3540 रुपये है, लेकिन आरोपी चालक ने तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। उसके बैच में 104 प्रशिक्षु हैं। वे इन्हें भी भय दिखा रिश्वत की मांग करता था।
23 साल से रोडवेज में कार्यरत है आरोपी
आरोपी हाकम सिंह पिछले 23 वर्षों से रोडवेज में बतौर चालक तैनात है। वर्तमान में वह कैथल रोडवेज के कोचिंग स्कूल में हेवी लाइसेंसधारी चालकों को प्रशिक्षण दे रहा है। उसकी जिम्मेदारी प्रशिक्षुओं को ड्राइविंग सिखाने और अंत में टेस्ट लेकर पास या फेल करने की होती है। एसीबी ने बताया कि जोरा सिंह की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सतर्कता ब्यूरो की टीम की ओर से हाकम सिंह से पूछताछ की जा रही है और मामले से संबंधित अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मंगलवार को अदालत में करेंगे पेश
एसीबी के इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि गांव बात्ता निवासी अंकुश की शिकायत मिलने के बाद आरोपी चालक को गिरफ्तार करने के लिए टीम का गठन किया गया था। इसके बाद दोपहर करीब चार बजे बस स्टैंड पर बने प्रशिक्षण केंद्र में दबिश दी गई। इस दौरान चालक को तीन हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। अब आरोपी का मेडिकल करवा मंगलवार सुबह उसे अदालत में पेश किया जाएगा।