हरियाणा के कैथल में जिला न्यायालय की एक अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी को पांच साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर पांच महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी।
मृतक के पुत्र अनिल निवासी गांव कुतुबपुर ने थाना सिटी में तीन नवंबर 2020 को आईपीसी की धारा 302, 34 के तहत केस दर्ज करवाया थी। स्टेट की ओर से केस की पैरवी कर रहे जिला उप न्यायवादी सुखदीप सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता अनिल के पिता सुभाष ने उसे बताया था कि 30 अक्तूबर 2020 को सुभाष व रामप्रसाद निवासी कैथल शाम के समय रामप्रसाद के मोटरसाइकिल पर गांव कुतुबपुर से खेत में जा रहे थे। जब शाम 6:30 बजे वे गांव सिल्ला खेड़ा के अंडर पास के नजदीक पहुंचे तो अचानक सामने से उनके खेतों का पड़ोसी गुलाब अपने मोटरसाइकिल का कट मारकर गुजरने लगा।
फिर गुलाब ने अपनी मोटरसाइकिल रोक ली। इस पर सुभाष व रामप्रसाद ने गुलाब को कहा कि मोटर साइकिल ध्यान से चलाओ। गुलाब ने कहा कि वह तुम्हें पंगा लेने का मजा चखाता है और पास खड़े ट्रक में से लोहे की रॉड लेकर आया। उसने अपने दोस्त खुशी व अन्य दो लड़कों को भी मौके पर बुला लिया।
गुलाब ने आते ही सुभाष को जान से मारने की नियत से लोहे की रॉड उसके पेट में मारी जिससे वह जमीन पर गिर गया। खुशी ने भी सुभाष के पेट में लोहे की रॉड मारी। रामप्रसाद उसको छुड़ाने लगा तो सभी ने रामप्रसाद को भी पीटा। शोर सुनकर वहां राहगीर इकट्ठे होने लगे तो हमलावर धमकी देकर वहां से भाग गए। सूचना पाकर सुभाष के परिवार वाले मौके पर पहुंचे और सुभाष को इलाज के लिए शाह अस्पताल कैथल ले गये। वहां इलाज के बाद उसे घर ले गये।
इसके बाद 31 अक्तूबर को सुभाष के पेट में ज्यादा दर्द होने लगा तो परिजन उसको अनन्या अस्पताल कैथल, भारत अस्पताल कैथल व फिर जनता अस्पताल कैथल ले गए। जनता अस्पताल कैथल के डाॅक्टर ने सुभाष को हायर सेंटर भेज दिया और परिजन उसको हिसार में ले गये जहां सुभाष के पेट का ऑपरेशन हुआ।
तीन अक्तूबर को उसे चंडीगढ़ भेज दिया। आरोप था कि इलाज के दौरान सुभाष की मौत हो गई। इस पर पुलिस ने केस दर्ज करके चालान अदालत में पेश किया। एडीजे अमित कुमार गर्ग की अदालत ने दोनों पक्षा को सुनने के बाद गुलाब को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया और पांच साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।