पिछले महीने 24 तारीख को गांव कक्योर माजरा के जंगल में जली हुई कार में मिले शव का मामला पुलिस के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। पुलिस ने इस मामले में दर्जन भर से अधिक युवकों से पूछताछ भी की। कभी जांच की सूई कार के पूर्व मालिक तो कभी गांव दुब्बल में कार खरीदने वाले युवक के इर्द-गिर्द घूमती रही। बाद में पुलिस को आधार नंबर से मिले सुराग से पूरा मामला खुला तो पुलिस हत्यारोपी तक पहुंच पाई।
पुलिस ने इस मामले में गांव दुब्बल निवासी 30 वर्षीय बलजीत को काबू कर पूछताछ की तो पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। पूछताछ में बलजीत ने बताया कि वह गांव में ही प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। उसने एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलआईसी, आईसीआईसीआई बैक, श्रीराम एलआईसी, न्यू जीवन आंनद बैंकों से कुल 3 करोड़ 25 लाख रुपये का जीवन बीमा करवाया हुआ है।
जिसके लिए उसने अपनी ही हत्या की साजिश रची और संदीप की हत्या कर अपने मर्डर का मामला बता क्लेम की नकदी हड़पते हुए अय्याशी का जीवन-यापन करने की योजना थी। इसके लिए वह क्राइम पेट्रोल व अजनबी फिल्म से प्रेरित हुआ और उसने अपने ही गांव के एक युवक को नोटबंदी के दौरान दिल्ली की एक पार्टी की करंसी बदलने का झूठा बहाना बनाकर सारी नकदी ऐंठने के जाल में फांस लिया। करंसी बदलने के लिए सुनसान जंगल की जरुरत को समझाते हुए उसे अपने साथ में ले जाकर अचानक गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। शव सहित अपनी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद वह साधू के वेश में राजस्थान चला गया। और वहीं छिप कर रहने लगा। जहां राजस्थान के एक होटल में अपनी आईडी के लिए आधार कार्ड नंबर दिया। जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला। पुलिस ने जांच करते हुए उसे जींद के एक गांव से काबू कर लिया।
गाड़ी में मिले कारतूस के खोल से बदल गया था जांच का एरिया
पुलिस को जली हुई गाड़ी में से कारतूस के खोल मिले थे। जिससे पूरी जांच का एरिया ही बदल गया था। पुलिस को इस बात की भी जानकारी मिल चुकी थी कि बलजीत को जीवित देखा गया है। जिस कारण पुलिस उसकी तलाश में थी।