हरियाणा के कैथल के गांव प्योदा का निवासी होने के फर्जी दस्तावेज दिखाकर एक युवक ने एलआईसी की ग्रामीण एजेंसी अपने नाम पर ले ली। इस मामले में युवक के पिता और उनके दामाद के भी शामिल होने का आरोप है। इस संबंध में एक अधिवक्ता ने न्यापालिका का सहारा लेकर आरोपियों के खिलाफ शहर थाना में केस दर्ज करवाया है।
अधिवक्ता मोहन शर्मा ने शिकायत में आरोप लगाया कि सेक्टर 20 निवासी प्रिंस गोयल ने वर्ष 2014 में गांव प्योदा का निवासी होने के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एलआईसी की ग्रामीण एजेंसी अपने नाम से ले ली। जबकि उसके पास गांव में रहने का कोई भी प्रमाण सही नहीं था।
शहर की एजेंसी लेने के लिए उस समय न्यूनतम योग्यता 12वीं व गांव की एजेंसी के लिए 10वीं पास की जरूरत थी। प्रिंस उस समय 10वीं पास हुआ था। प्रिंस के पिता निरंजन दास गोयल एलआईसी के सेवानिवृत्त विकास अधिकारी रहे हैं।
उनका दामाद वैभव मित्तल वर्तमान में एलआईसी में विकास अधिकारी है। निरंजन दास गोयल ने अपने दामाद वैभव मित्तल के साथ मिलीभगत करके प्रिंस को यह एजेंसी दिलाई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने इस संबंध में निगम के उच्चाधिकारियों को भी शिकायत की थी, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर उसने न्यायपालिका का सहारा लिया। शिकायतकर्ता ने ये भी कहा कि उसने आरटीआई के माध्यम से भी प्रिंस के गांव प्योदा संबंधित दस्तावेज दिखाने की मांग की थी, लेकिन उसके पास दस्तावेज नहीं मिले। तीनों आरोपियों ने मिलकर निगम और उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी की है। एसआई विजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।