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कैथल बस अड्डे पर हुए विस्फोट का आरोपी आतंकी कोर्ट में पेश

Fri, 17 Mar 2017 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
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 वर्ष 1998 में कैथल के पुराने बस अड्डे और वर्तमान में सिटी स्कवॉयर कॉम्पलेक्स में हुए बम विस्फोट के मामले में आरोपी आतंकवादी रतनदीप सिंह को पंजाब और हरियाणा पुलिस की कड़ी सुरक्षा में शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया। इस मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। रतनदीप सिंह इस मामले का दूसरा आरोपी है। एक आरोपी वर्ष 2001 में रिहा हो चुका है। रतनदीप को कैथल पुलिस ने वर्ष 2015 में गिरफ्तार किया था।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 16 नवंबर 1998 में कैथल के तत्कालीन बस अड्डे इस पुराने बस अड्डे (सिटी स्कवॉयर) में विस्फोट हुआ था। इसमें पुलिस ने अमरगढ़ गामड़ी निवासी कर्मबीर सिंह पुत्र मंगल सैनी की शिकायत पर केस दर्ज किया था। उसने बताया था कि वह बस अड्डे पर ब्रेड-पकौड़े की रेहड़ी का ठेकेदार है। घटना के समय वह अपनी रेहड़ी पर पकौड़े बेच रहा था। उसके पास यात्री खड़े थे। साथ ही कुराड़ जाने वाली प्राइवेट बस भी थी। उसी समय अचानक एक धमाका हुआ। इसमें बस के शीशे टूट गए। साथ ही उसकी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें टूट गईं। इस धमाके में उसके साथ खड़े बहुत से यात्री, बस में सवार बहुत सेे यात्री घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करते हुए सफीदों गांव के रोहड़ निवासी हरी सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। उससे पूछताछ में पता चला था कि इसी गांव के रतनदीप सिंह के साथ उसने यह विस्फोट किया था। हरी सिंह इस मामले में वर्ष 2001 में रिहा हो चुका है। पुलिस को दूसरे आरोपी रतनदीप सिंह की तलाश थी। पंजाब पुलिस के गिरफ्तार करने के बाद उसे 10 फरवरी 2015 को कैथल पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। तभी से उसकी पेशियां लग रही हैं।
बताया जा रहा है कि रतनदीप सिंह भिंडरावाला टाइगर फोर्स ऑफ खालिस्तान का चीफ रह चुका है। उसे सितंबर 2014 में केंद्रीय जांच एजेंसी और पंजाब पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत गोरखपुर (यूपी) से गिरफ्तार किया था। उस पर देश भर में कई जगहों पर बम धमाकों और आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं। इस समय वह पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज मामलों में नाभा जेल में बंद है।
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एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि आतंकी रतनदीप सिंह की पेशी के चलते कड़ी सुरक्षा की गई थी। उस पर यहां बस अड्डे पर विस्फोट का आरोप है।
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