हरियाणा के कैथल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय पॉक्सो व क्राइम अगेंस्ट वूमेन जिला कैथल डॉ. गगनदीप कौर सिंह की अदालत ने 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी चार महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अदालत ने यह भी आदेश दिए हैं कि पीड़ित को चार लाख रुपये मुआवजा दिलवाया जाए। इस बारे में पीड़ित के पिता ने थाना पूंडरी में 29 अगस्त 2021 को आईपीसी की धारा 363, 366-ए, 376 (2) एन व पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत केस दर्ज करवाया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी कर रहे डीडीए जेबी गोयल ने एफआईआर के हवाले से बताया कि शिकायतकर्ता की पुत्री 28 अगस्त 2021 की रात को खाना खाकर सो गई थी, परिवार के अन्य सदस्य भी सो गए।
रात को ही उसकी पुत्री घर में रखे हुए अपने सभी कागजात, कपड़े और 2000 रुपये निकाल कर घर से कहीं चली गई। शिकायतकर्ता सुबह अपनी पुत्री को उठाने के लिए पहुंचा तो देखा कि वह बिस्तर से लापता थी। उन्होंने आसपास तलाश व पूछताछ की तो पता चला कि कल से आरोपी कुलदीप उर्फ कुली भी घर पर नहीं था।
आरोपी के घर वालों से पूछताछ की तो वो बोले कि कुली का पता नहीं है। आरोप था कि कुली उसकी पुत्री को शादी का झांसा देकर भगा ले गया है। इस शिकायत पर पुलिस ने कुलदीप के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया।
उधर, पीड़ित का मेडिकल करवाया व काउंसलिंग करवाई। पुलिस ने चालान तैयार करके कोर्ट में पेश किया। मामले में कुल 20 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सबूतों व गवाहों की रोशनी में एडीजे डॉ. गगनदीप कौर ने अपने 43 पन्नों के फैसले में कुलदीप को दोषी पाया व 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी जमानत न मिलने के कारण पहले से ही जेल में बंद है।