कैथल के सिविल लाइन कैथल थाना की पुलिस ने फर्जी लेटरहेड, हस्ताक्षर बनाने, संपत्ति हड़पने व जान से मारने और बच्चों के अपहरण की धमकी देने के संबंध में धोखाधडी का एक केस दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में कैथल के साहिल मंगला ने बताया कि मेजर्स सफायर मीडिया सर्विसेज का मालिक है और उसकी फर्म के दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में कई प्रॉपर्टी है। वर्ष 2021-22 में उसे अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए कुछ वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता पड़ी। इसके लिए उसने अपनी कुछ संपत्तियों को बेचने का विचार किया और इसके लिए में कुछ मित्रों और प्रॉपर्टी डीलरों से मदद लेने लगा।
इसी संदर्भ में उसने अपने मित्र सन्नी साहनी निवासी कैथल को नोएडा स्थित मेरी संपत्ति बेचने के लिए किसी संभावित ग्राहक को ढूंढने के लिए कहा। कुछ दिनों बाद सनी साहनी ने उसे बृजभान सिंह यादव जो कि पिक प्वाइंट इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक थे और उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट का काम करते थे। उनसे मुलाकात करवाई। बृजभान ने मुझे बताया कि उसकी कंपनी उत्तर प्रदेश में संपत्ति खरीदने का काम करती है और वह मेरी सपत्ति खरीदने में रुचि रखते हैं। इस प्रकार बृजभान और उसकी मुलाकात कैथल में हुई और हम दोनों के बीच संपत्ति के सौदे को लेकर बातचीत शुरु हुई।
बातचीत के दौरान यह तय हुआ कि वह अपनी संपत्ति को कुल सात करोड़ सात लाख रुपये में बृजभान को बेचेगा। निर्धारित किया कि बृजभान सिंह यादव इकरारनामा की तारीख से पहले रुपये तीन करोड़ आठ लाख भुगतान करेगा और बाकी की राशि रुपये चार करोड़ 62 लाख 90 दिनों के अंदर अदा करके रजिस्ट्री करवाएगा। इकरारनामा अनुसार 15 दिसंबर 2021 को वृजभान ने रुपये तीन करोड़ आठ लाख रुपये की राशि उसके कैथल स्थित यस बैंक खाते में जमा की और दोनों पक्षों ने इकरारनामा पर हस्ताक्षर किए। बृजभान ने इस इकरारनामा से यह आश्वासन दिया था कि बची हुई राशि का भुगतान 15 मार्च 2022 तक कर दिया जाएगा और उसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होगी।
जैसे-जैसे समय बीतता गया, बृजभान ने बाकी राशि का भुगतान करने में लगातार टालमटोल की और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को बार-बार स्थगित किया। शुरुआत में उसने बृजभान पर विश्वास किया, लेकिन जैसे ही दो जून 2022 को रजिस्ट्री के लिए तय तारीख निकल गई और उसने फिर भी कोई राशि नहीं दी, उसे संदेह हुआ। जब उसने अपने स्रोतों से जानकारी हासिल की और पाया कि बृजभान सिंह यादव एक आपराधिक व्यक्ति है, जो अक्सर इस प्रकार की धोखाधड़ी कर संपत्तियों को विवादित बना देता है और फिर ब्लैकमेलिंग के माध्यम से पैसा निकालने का काम करता है।
बृजभान ने इस पूरे घटनाक्रम में अपनी धोखाधड़ी को छुपाने के लिए झूठी और मनगढंत कहानी बनाई। इसने यह दिखाने की कोशिश की कि उसने मुझसे संपत्ति का सौदा नहीं किया था बल्कि मैंने उसे एक बिजनेस पार्टनर का प्रस्ताव दिया था जिसके एवज में उसने मुझे 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इसके समर्थन में, उसने मेरे कैथल स्थित फर्म के फर्जी लेटरहेड, स्टांप और हस्ताक्षर तैयार किए। यह स्पष्ट रूप से एक अपराध था, क्योंकि इन दस्तावेजों का उपयोग करके बृजभान ने लखनऊ में मेरे खिलाफ एक झूठी एफआईआर दर्ज करने का प्रयास किया। इसके अलावा, मुझे और मेरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए बृजभान ने अपने सहयोगी को पैसों की उगाही के लिए भेजा। जिन्होंने ने मुझे मेरे सहयोगियों सनी साहनी, भरत सरदना, और नवीन कुमार को फोन के माध्यम से धमकी दी। उसने कहा कि हमें पांच करोड वापस करने होंगे या फिर रजिस्ट्री करवानी होगी। यह धमकी भी दी कि अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो वह हमें और हमारे परिवार को जान से मार देगा, और हमारे बच्चों का अपहरण कर लेगा। थाना प्रभारी शिव कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।