कैथल। सरकार द्वारा किसानों को तत्काल स्कीम के तहत नए ट्यूबवेल कनेक्शन देने का प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है। प्रोजेक्ट रुकने पर किसानों में सरकार व विभाग के प्रति गहरा रोष है। वहीं किसानों ने बिजली निगम पर यह भी आरोप लगाया है कि खेतों में कनेक्शन देने के लिए पाइपलाइन भी डलवा दी है। लेकिन करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इस प्रोजेक्ट पर कोई कार्य नहीं हो पाया है।
किसान अशोक कुमार, रामकुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में डिफाल्टर हुए किसानों के कनेक्शन कटने के बाद उनके बिल माफ कर दोबारा कनेक्शन देने के लिए केवल 30 हजार रुपये जमा करानेेेेे की निगम ने डिमांड रखी थी। जिस पर कुछ समय तो काम चला लेकिन अब पिछले छह महीने से पाइपलाइन डलने के बाद काम रुक गया है।
किसान नसीब सिंह व हजूर सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा आदेश देने के बाद भी प्रोजेक्ट पर निगम द्वारा कोई कार्य नहीं करने के कारण खेतों में सिंचाई करने में काफी परेशानी होती है।
बिजली निगम के एसई बलजीत रंगा ने बताया कि सरकार द्वारा 2018 में यह कनेक्शन देने का फैसला लिया गया था। जिसमें जिला में कुल 3648 को यह कनेक्शन मिलने थे। लेकिन इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की पूरी कार्रवाई सरकार द्वारा की जानी है। उन्होंने बताया कि अभी तक निगम के पास किसानों की सिक्योरिटी निगम के पास नहीं आई है। इस प्रक्रिया का सभी किसानों द्वारा सिक्योरिटी जमा कराने के बाद पूरा होने की संभावना है।
रंगा ने कहा कि मामले में निगम केवल सरकार का एक माध्यम है। सरकार जैसा ही आदेश देगी वैसे ही इस प्रोजेक्ट पर कार्य होगा। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के कारण भी यह समस्या आ रही है। 23 मई को चुनाव का फैसला आने के बाद इस पर कोई गाइड लाइन आ सकती है।