सर,..हमें घर तक छोड़क़र आते हैं लड़के, बाजार की तंग गलियों में करते हैं परेशान
कैथल। मनचलों से परेशान राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं का दर्द प्रदेश सरकार के एक ओर सुधार प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रॉकी मित्तल के सामने फूट पड़ा। पुलिस थाने से महज 50 कदम दूरी पर स्थित इस स्कूल में मनचले छात्राओं को प्रवेश द्वार तक आकर परेशान करते हैं। आसपास के बाजारों की तंग गलियों में ये छात्राएं हर रोज मनचलों की फब्तियों, छेड़छाड़ व छींटाकशी के बीच से होकर किसी तरह स्कूल पहुंचती हैं। ऐसा नहीं हैं कि इस बारे में अध्यापकों को नहीं बताया लेकिन खुद स्टाफ सदस्य इस बात से परेशान दिखाई दिए। रॉकी मित्तल ने तुरंत एसएचओ सिटी को बुलाकर कहा कि आसपास के बाजारों व स्कूल के आसपास मनचले युवाओं को फटकने न दिया जाए।
मित्तल शुक्रवार सुबह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गीता भवन में पहुंचे। जहां नौंवी से ग्यारहवीं तक की कक्षाओं की छात्राओं से समस्याएं पूछीं। छात्राओं ने कहा कि सर, लड़के बाइकों पर आते हैं, स्कूल के साथ वाली गलियों, नोता चौक, गलियों, सर्राफा बाजार में से कमेंट करते हुए निकलते हैं। वे बाइकों से कट मारते हैं। गंदे-गंदे इशारे करते हैं। उन्हें जबरन नंबर देते हैं। नंबर लिखी पर्चियां फेंक कर जाते हैं और उनसे नंबर मांगते हैं। गंदी-गंदी गालियां देते हैं। हैलो..हैलो...करके बुलाते हैं। साथ ही घर तक पीछा करते हैं। वे बहुत परेशान हैं। स्कूल में प्रवेश द्वार तक छोड़ने आते हैं। वे स्टॉफ को भी बताती हैं। स्टॉफ की ओर से पुलिस को बताया जाता है लेकिन लडक़ों की हरकतें कम नहीं हो रही।
इसी बीच एक लडक़ी ने रॉकी मित्तल को ही पर्ची थमा दी कि यह एक लडक़ा जबरन उस पर फेंक कर गया था। जिस पर मित्तल ने कहा कि आप खुद 1091 पर फोन करो। फोन किया तो फोन उठाने वाली कर्मचारी ने लडक़ी से ही पूछताछ करनी शुरू कर दी, कौन हो, कहां से हो? पिता का नाम? पता? जैसी बातें पूछीं तो मित्तल ने फोन ले लिया और कहा कि मैडम फोन पर ही सारी जानकारी लोगे या यहां भी आआगे। इसके बाद उन्होंने एसएचओ को बुलाया। एसएचओ मनदीप सिंह पुलिस बल सहित स्कूल में पहुंचे तो मित्तल ने उन्हें छात्राओं द्वारा बताई गई सारी स्थिति से अवगत कराया। साथ ही कहा कि आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए। जिस स्कूल के पास थाना शहर, सीआईए व सीआईडी तक के कार्यालय हों, वहां पर ऐसे हालात। काफी चिंतनीय विषय है। इसके बाद दुर्गा शक्ति एप्प की गाड़ी भी पहुंच गई। जिसको करीब आधा दर्जन छात्राओं ने अपनी शिकायतें दर्ज करवाईं। स्टाफ सदस्यों ने भी अपनी पीड़ा सुनाई और कहा कि इस बारे में कई बार सूचित किया जा चुका है। पुलिस गश्त करे तो वर्दी देखकर मनचले नहीं आएंगे। पुलिस गश्त के साथ-साथ यहां सादी वर्दी में कुछ दिन ड्यूटी करे तो सारी स्थिति का पता चल जाएगा।
रॉकी मित्तल ने कहा कि हरियाणा सकरार ने बेटियों की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस भी संजीदगी दिखाए और कम से कम मनचलों को तो पुलिस खदेड़ ही सकती है। इसके लिए पुलिस को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। यदि इसके बावजूद भी स्थिति में सुधार नहीं आता है तो सीएमओ को रिपोर्ट दी जाएगी। वे क्षेत्र की बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने देंगे।