पूंडरी के व्यक्ति ने चेक गणराज्य के बैंक के कंप्यूटर हैक कर की दो करोड़ की ठगी
- चेक गणराज्य की ओर से भेजी गई शिकायत पर केंद्र सरकार के आदेशानुसार पूंडरी पुलिस थाने में दर्ज किया धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज
-2 करोड़ रुपये या 2.87 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि की ठगी में हुआ सफल, 3.69 करोड़ रुपये या 4.61 लाख यूरो की भी कर ली थी हैकिंग, लेकिन दूसरे प्रयास में नहीं हो पाया सफल
- एसपी ने कहा- लीगल ओपिनियन सहित सारे कागजात लेकर की जाएगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पूंडरी निवासी एक व्यक्ति ने चेक गणराज्य के प्राग शहर में दो बैंकों में खाते खोलकर करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी का प्रयास किया। जिसमें से 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की ठगी करने में वह सफल भी रहा, लेकिन दूसरे प्रयास में सफल नहीं हो पाया। चेक गणराज्य ने उसका पता लगाकर केंद्र सरकार को शिकायत भेजी। केंद्र सरकार के निर्देश पर डीजीपी कार्यालय हरियाणा ने पूंडरी पुलिस थाने में शिकायत भेजी। जिस पर पुलिस ने भारत सरकार के डिप्टी सेक्रेटरी हरियाणा की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
हरियाणा पुलिस में डीजीपी कार्यालय में दी शिकायत में भारत सरकार के हरियाणा में डिप्टी सेक्रेटरी वी विश्वनाथन ने बताया कि चेक गणराज्य की ओर से एक शिकायत भेजी गई है। जिसमें बताया गया है कि पूंडरी निवासी रमेश कुमार चेक गणराज्य में प्राग नामक जगह में पंजीकृत उसकी व्यापार कंपनी वैलेरन लिमिटेड लॉयबलिटी कंपनी का मालिक है। उसने 20 मई 2015 को वहां के बैंक रायफेसेन में खाता खोला। जिसमें 1 दिसंबर 2016 को उसने प्लेसीओसा इंटरनेशनल लिमिटेड, हांगकांग के ई-मेल खाते को हैक कर लिया और 2,87,652 यूएस डॉलर अपनी कंपनी के खाते में डाल लिए। जो भारतीय रुपये में 2 करोड़ रुपये से अधिक बनती है। अगले दिन उसने अपने बैंक खाते से 6 भुगतानों में टैयोन ट्रेडिंग लिमिटेड, हांगकांग और हुइझोउ जियाइंग ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड चाइना को बिल के भुगतान दिखाते हुए इस राशि को ट्रांसफर कर दिया। जबकि उसकी कंपनी के पास इस राशि के भुगतान करने लायक व्यापार ही नहीं था। काफी प्रयास करने के बावजूद चेक गणराज्य का बैंक इस राशि को वापस लेने में सफल नहीं हुआ। जबकि इस ठगी का शिकार हुई हांगकांग की कंपनी ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी।
इसके बाद 26 अगस्त 2015 को उसने चेक गणराज्य के ही एक अन्य बैंक सबरबैंक लजारसका प्राग में ही एक अन्य खाता खोला। जिसमें 12 दिसंबर 2016 को उसने जर्मनी के कॉमर्सबैंक अक्टेन गेसलस्चेफ्ट के ई-मेल खाते को हैक करते हुए इस खाते में 461,255 यूरो जमा कर लिए। जो भारतीय रुपये में करीब 3.69 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बनती है। अगले दिन उसने चीन में बैंकों को यह धनराशि हस्तांतरित करने का प्रयास किया। लेकिन इसमें वह सफल नहीं हुआ और हैक करके निकाली गई राशि वापस जर्मन कंपनी के खाते में चली गई। रमेश कुमार ने गलत इरादे से बैंक खातों में लेन-देन किया है। चेक गणराज्य के पुलिस प्राधिकरण रमेश कुमार के खिलाफ इस आधार पर कार्रवाई नहीं कर पाया, क्योंकि वह हरियाणा में रह रहा है। इसलिए भारत सरकार को इस बारे में लिखा गया। इस शिकायत के बाद केंद्र सरकार ने डीजीपी हरियाणा को इस बारे में शिकायत भेजी। जिस पर कैथल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
एसपी कैथल वसीम अकरम ने कहा कि एक्सटर्नल अफेयर मंत्रालय के माध्यम से शिकायत मिली है कि एक व्यक्ति ने कंप्यूटर हैक करके करोड़ों रुपये की ठगी की है। पुलिस इस मामले से जुड़े सारे कागजात हासिल कर रही है। साथ ही लीगल ओपिनियन भी लिया जाएगा। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि आरोपी ने चेक गणराज्य में जाकर यह हैकिंग की है या फिर यहीं से की है। पूरे तथ्य जुटाने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।