रोआंसी आवाज में बताया खुद को बेकसूर
आत्महत्या से पहले बनाई वीडियो में काफी आहत नजर आ रहा है नीरज
बदनामी का दंश नहीं झेल पाया 20 वर्षीय नीरज, आहत होकर मौत को गले लगाया
नीरज की मौत से खत्म हुई परिवार की उम्मीदें, दो भाईयों में सबसे बड़ा था नीरज
2 मिनट 8 सेकेंड के वीडियो में 8 बार बात कहते-कहते थमी नीरज की आवाज
विदेश जाने की कर रहा था तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एक 20 साल का नौजवान बदनामी का दंश झेल नहीं पाया और अपने ऊपर लगे छेड़छाड़ व एससीएसटी एक्ट के आरोपों से आहत होकर उसने भरी आंखों के साथ मौत को गले लगा लिया। मरने से पहले 2 मिनट 8 सेकेंड के वीडियो में गांव बरसाना निवासी नीरज करीब 8 बार बात कहते-कहते रुका कि जैसे उसके गले से आवाज नहीं निकल रही हो। परिजन अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
गांव बरसाना में एक छोटे किसान का 20 साल का बेटा नीरज पूंडरी में विदेश जाने के लिए आइलेट्स की तैयारी कर रहा था। वह विदेश में जाकर परिवार की दशा संवारना चाहता था। डेढ़ एकड़ के जमींदार उसके पिता किसी तरह परिवार का गुजारा चला रहे हैं। उसके खिलाफ 22 फरवरी को छेड़छाड़ व एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। केस दर्ज होने से पूर्व वह अपने पिता के साथ पुलिस चौकी में गया था और अपने बेकसूर होने की गुहार लगाई। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। केस दर्ज होने के बाद वह गुमसुम हो गया था।
परिवार करता है खेती-बाड़ी
उसके चाचा रणधीर सिंह ने बताया कि नीरज बारहवीं पास था। परिवार खेती-बाड़ी करता है। उसका एक छोटा भाई व छोटी बहन है। पूरे परिवार को जवान बेटे से काफी उम्मीदें थीं। वह आईलेट्स की तैयारी करने के लिए पूंडरी में जाता था। ताकि विदेश जा कर परिवार का भविष्य संवार सके। लेकिन उस पर झूठा आरोप लगाया गया। आज तक उसकी कोई शिकायत नहीं थीं। वह परिवार में सभी का लाडला था। जिस परिवार ने उस पर आरोप लगाया है, उसकी मंशा कुछ और ही थी। लेकिन नीरज का परिवार काफी सामान्य परिवार है। जिस दिन से उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था, उसी दिन से वह गुमसुम था और रो-रो कर अपने आप को बेकसूर बता रहा था। चार दिनों से उसकी जुबान पर एक ही बात थी कि वह बेकसूर है और उसे फंसाया जा रहा है। इसी शर्म व उस परिवार द्वारा मजबूर किए जाने से उसने मौत को गले लगा लिया।
2 मिनट 8 सेकेंड के वीडियो में 8 बार थमी आवाज
नीरज ने मौत को गले लगाने से पहले एक 2 मिनट 8 सेकेंड का वीडियो बनाया। जिसमें उसकी आंखों में आंसू नजर आ रहे हैं और खुद को बेकसूर बताते-बताते 8 बार उसकी आवाज रुकी, जैसे कि उसके गले से आवाज ही ना निकल रही हो। वह वीडियो में मुश्किल से शब्द जुटाते हुए दिख रहा है। पूरे बरसाने को उस पर दर्ज मामले की जानकारी होने की बात से वह शर्मसार था। वीडियो में उसने पुलिस चौकी में तैनात पंडत नाम के पुलिस कर्मचारी व उनके गांव के ही एक व्यक्ति पर उसे फंसाने का आरोप लगाया। उसने लड़की की मां के आरोपों को भी झूठा करार दिया और असली दोषी दूसरे युवक को बताया। जिसके बारे में वह पैसे देकर केस से निकलने की बात कह रहा है। वीडियो बनाते समय किसी ने उसे दो बार फोन भी किया, लेकिन उसने फोन काट दिया। शायद यह वीडियो बनाने के बाद ही उसने मौत को गले लगा लिया।