‘आरोपी पुलिस अधिकारी का बेटा, इसलिए नहीं हुई कार्रवाई’
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जुलाई में हुए सड़कहादसे में सिर पर गहरी चोट लगने से घायल हुए व्यक्ति ने शुक्रवार रात को दम तोड़ दिया। वह तीन माह से कोमा में था, शनिवार सुबह चिकित्सकों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने इस मामले में अनाज मंडी चौकी पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि, हादसा पुलिसकर्मी के बेटे से हुआ, इसलिए कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रोहेड़िया गांव के तेजपाल ने बताया कि उसका चाचा ससुर सूरजभान जुलाई में चंदाना रोड से निकल रहा था तो मोटरसाइकिल पर सवार युवक ने उसके चाचा ससुर को टक्कर मार दी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया था। रोहतक पीजीआई में वह कोमा में चले गए। तीन माह कोमा में रहने के बाद शुक्रवार शाम को उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि टक्कर मारने वाला आरोपी पुलिस अधिकारी का बेटा है। अनाज मंडी चौकी पुलिस कर्मचारियों ने पुलिस वाले के बेटे को बचाने के चक्कर में उसका चालान तक नहीं किया। पिछले तीन माह से वे लापरवाही चालक के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कभी चौकी तो कभी थाना यहां तक की डीएसपी से भी मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अनाज मंडी चौकी प्रभारी बलविंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच में जो भी दोषी पाया गया, उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।