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..बेरोजगारी की इंतहां...पति-पत्नी द्वारा 2 लाख रुपये देने के बावजूद नहीं मिली डीसी रेट की नौकरी तो

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पति-पत्नी को नौकरी लगाने का झांसा देकर दो लाख ठगे, पैसे वापस मांगने पर दी धमकी, परेशान युवती ने की आत्महत्या
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सुसाइड नोट में जींद में एक सेंटर संचालक सहित तीन लोगों पर लगाया आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप, पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया
फोटो संख्या-6, 7, 8
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्रदेश में बेरोजगारी की इंतहा अब इस कदर हो गई है कि डीसी रेट की नौकरी के लिए दो लाख रुपये देने के बावजूद नौकरी नहीं मिली तो सैनिक की बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पति व उसे जींद के सरकारी अस्पताल में डीसी रेट की नौकरी दिलवाने का झांसा दिया गया था। लेकिन न तो उन दोनों को नौकरी मिली और न ही उनके रुपये। उल्टा शराब पीकर आरोपियों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी जरूर दी। पुलिस ने मृतका की मां की शिकायत पर तीन के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
मृतका की मां सुदेश ने बताया कि उसके पति फौज में नौकरी करते हैं। उसके पास तीन बेटियां व एक बेटा है। उसकी बड़ी बेटी अलका (22) की शादी 2014 को दिनेश पुत्र रणधीर सिंह निवासी कालता जिला जींद के साथ की थी। उसकी बेटी 12वीं पास है। उनके घर कलायत में जूतों की दुकान चला रहे जय भगवान निवासी ढुंढवा का आना-जाना था। उसने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकारी अस्पताल जींद में डीसी रेट पर लगाने के लिए 80/90 हजार रुपये लगेंगे। उसकी बेटी अलका व दामाद को दो लाख रुपये में डीसी रेट पर नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया।
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इसके बाद उसके पति व अलका के ससुर रणधीर सिंह की सहमति के बाद तय हो गया कि वे दो लाख रुपये दे देंगे। जयभगवान ने कपिल निवासी घसो खुर्द को उनके घर बुलाया और बताया कि कपिल उसकी बेटी अलका और दामाद दिनेश को डीसी रेट पर नौकरी दिलवा देगा। इस पर मैंने एक लाख रुपये उसके समधी रणधीर सिंह से उसकी बेटी अलका की हाजिरी में लेकर कपिल को दिये और एक लाख रुपये मैंने खुद बेटी अलका व समधी रणधीर सिंह को सामने कपिल को दे दिए। इसके बाद अलका नौकरी के लिए कपिल के जींद में पटियाला रोड पर स्थित कार्यालय में जाती रही। जहां अगस्त व सितंबर तक जाने के बावजूद नौकरी नहीं मिली। वहां कार्यरत बिजेंद्र निवासी दुर्गा कालोनी रोहतक रोड जींद ने भी आश्वासन दिया कि कपिल नौकरी लगवा देगा। लेकिन उसकी बेटी ने कह दिया था कि इस सेंटर से उन्हें नौकरी नहीं मिल सकती। उसने वहां जाना भी बंद कर दिया। गत 22 नवंबर को बिजेंद्र शराब के नशे में उनके घर भी आया और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे गया। इसके बाद उसने जय भगवान को इस बारे में शिकायत की। जयभगवान उनके घर आया ही हुआ था कि उसकी बेटी ने कहा कि वह इस दबाव के कारण तंग है और जीना नहीं चाहती। इसके बाद उसने ऊपर जाकर फांसी लगा ली।
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पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों जयभगवान, बिजेंद्र व कपिल के खिलाफ आत्महत्या का प्रयास करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
एसएचओ कलायत रामकिशन ने बताया कि पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।

ये लिखा है सुसाइड नोट में
मैं अलका पुत्री महावीर डिप्रेशन में आत्महत्या कर रही हूं। दो लड़के बिजेंद्र व कपिल को मेरे भाई जयभगवान के जरिए जानती हूं। इन दोनों ने नौकरी का नाम लेकर मेरे से दो लाख रुपये लिए और इसके बाद आगे-आगे टाइम देते रहे और बाद मेें न तो जॉब लगवाई और पैसे देने से भी मना कर दिया। इसी मामले में मेरी इनसे फोन पर बात हुई थी। एक दिन बिजेंद्र पैसे देने के बहाने मेरे घर रात को शराब पीकर आया और मेरे घर वालों के साथ बदतमीजी करने लगा। जिसमें हाथापाई हुई और उसे चोट भी लगी। उसने उल्टा इल्जाम लगाकर मुझ पर और मेरे घर वालों पर पुलिस केस कर दिया। जिसकी वजह से मेरी बहुत बेइज्जती हुई। मैं अपनी बेइज्जती सहन नहीं कर सकती। इसलिए मैं आत्महत्या करने जा रही हूं। इसके जिम्मेवार कपिल व बिजेंद्र हैं। इसमें मेरे घर वालों का, ससुरालवालों का कोई प्रेशर नहीं हैं। उन्होंने मुझे बहुत समझाने की कोशिश की, लेकिन मैं अपनी बेइज्जती सहन नहीं कर सकती।
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