नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोपी को 10 साल का कारावास
पुलिस ने दर्ज किया मामला
कैथल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमएम धौंचक ने मादक पदार्थ रोकथाम अधिनियम के विशेष न्यायाधीश के तौर पर खरकां निवासीगण गुरमीत पुत्र सैरना राम, दीपक पुत्र जिले सिंह तथा फतेहाबाद जिला के अंजरावा कलां निवासी रवि कुमार उर्फ मोदू पुत्र मेहला राम को 60 किलो डोडा पोस्त रखने का दोषी करार दिया है। उसे नार्कोटिक ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंसिज एक्ट 1985 की धारा 15 के तहत प्रत्येक दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा एक लाख रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में प्रत्येक दोषी को एक वर्ष के सामान्य कारावास की सजा भुगतनी होगी।
पुलिस द्वारा सभी अभियुक्तों को 23 जुलाई 2018 को चुरापोस्त के साथ पकड़ा गया था। न्यायालय में 9 अगस्त 2018 को चालान पेश किया गया तथा 28 अगस्त को आरोप तय किए गए। प्रोजिक्यूशन द्वारा 26 प्रमाणिक दस्तावेज व 9 गवाह पेश किए गए। न्यायालय द्वारा इस मामले को मात्र 50 दिन में निपटाया गया। एफएसएल रिपोर्ट 28 अगस्त 2018 को प्राप्त हुई, जिसके बाद न्यायालय द्वारा मात्र एक माह में इस मामले का निपटारा कर दिया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आज विश्व का कोई भी हिस्सा ड्रग ट्रेफिकिंग और ड्रग एडिक्शन के अभिशाप से अछूता नही रह गया है। भारत में भी ड्रग एडिक्ट्स की संख्या तेज गति से बढ़ रही है। पब्लिक प्रोसीक्यूटर जनक राज ने इस मामले की पैरवी की।