22 लाख रुपये की चरस के साथ दो काबू
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सीआईए-1 पुलिस ने दो युवकों को काबू करते हुए 19 किलो 500 ग्राम चरस बरामद की है। इस चरस को ये युवक नरवाना की ओर से कैथल जा रहे थे। जिसकी कीमत बाजार में करीब 22 लाख रुपये बताई जा हरी है। दोनों से पूछताछ जारी है।
सीआईए-1 परिसर में क्राइम ब्रांच प्रथम प्रभारी इंस्पेक्टर महाबीर सिंह ने बताया कि 24 अप्रैल की रात सहायक उपनिरीक्षक बलराज सिंह, सुभाष चंद, तिलकराज, राजेंद्र सिंह, कष्ण कुमार, एचसी राजेश कुमार, विक्रम सिंह, शुभकर्ण, व दर्शन सिंह की टीम सरकारी गाड़ी पर सायंकालीन गश्त दौरान कलायत बस अड्डा के नजदीक मौजूद थी। पुलिस सहयोगी सूत्रों से गुप्त जानकारी मिली कि चरस बेचने का धंधा करने वाले कुछ तस्कर हुंडई आई-10 गाड़ी से नरवाना की तरफ से कैथल क्षेत्र में चरस स्पलाई करने के लिए आने वाले हैं। पुलिस द्वारा सजगता व मुस्तैदी का परिचय देते हुए शिमला गांव के नजदीक नाकाबंदी करते हुए हल्के वाहनों की जांच शुरू की गई। कुछ समय बाद नरवाना साइड से आई एक गाड़ी को रुकवाने का प्रयास किया तो चालक ने गाड़ी को वापिस भगाने का प्रयास किया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खुशीराम निवासी दनौदा खुर्द हाल निवासी भम्भेवा थाना पिल्लूखेडा जिला जींद व पिछली सीट पर बैठे जयभगवान उर्फ धौलिया निवासी दनौदा खुर्द थाना सदर नरवाना जिला जींद को काबू कर लिया गया। मौके पर डीएसपी एईसी रामकुमार को बुलाकर तलाशी ली गई तो गाड़ी के पीछे वाली सीट पर रखे मुंह बंधे प्लास्टिक कट्टों से 19.500 किलो ग्राम चरस/सुलफा बरामद हुआ, जिसका अनुमानित मूल्य 22 लाख रुपये आंका जा रहा है। उनके पास से 2 मोबाइल फोन, 1260 रुपये नकदी व आरोपी खुशीराम का आधार कार्ड बरामद हुआ।
पूछताछ में दोनों ने कुबूल किया कि यह कार उनके साथी कुलदीप निवासी बुढ़ाखेडा जिला हिसार की है तथा वे तीनों मिलकर यह धंधा करते है। कुलदीप गांव शिमला में पहले ही गाड़ी से उतर चुका था। वे सांझे पैसे एकत्र कर कुलदीप को दे देते हैं, जो कहीं से नशा खरीद कर लाता है। जिसको बेचकर मुनाफा आपस में बांट लेते है। आरोपी खुशीराम पर नरवाना जिला जींद व स्मैण जिला फतेहाबाद में हत्या के आरोप में दो मामले दर्ज हैं।