रेलवे अंडर ब्रिज नहीं मौत के कुएं बना दिए गए
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। रेलवे द्वारा कुरुक्षेत्र से नरवाना मार्ग पर बनाए जा रहे एवं बना दिए गए 27 रेलवे अंडर ब्रिज एक तरह से मौत के कुएं बना दिए गए हैं। इनमें से बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही। जिस कारण अब मौतें भी होने लगी हैं। वहीं जहां ये अंडर पास निर्माणाधीन हैं। वहां वैकल्पिक रास्ते न होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर ज्यादा दूरी तय करके अपने खेतों, शहर व अन्य स्थानों पर जाना पड़ रहा है।
कुरुक्षेत्र से नरवाना तक तक 51 क्रॉसिंग हैं। इनमें से 24 पर गेटमैन मौजूद हैं। बाकी 27 पर रेलवे अंडर पास बनाए जा रहे हैं। इनमें से 10 रेलवे फाटकों पर अंडरब्रिज का काम पूरा हो गया है और 17 निर्माणाधीन हैं। इन सभी 27 रेलवे अंडर ब्रिजों के निर्माण पर करीब 300 करोड़ रुपया खर्च आना था। इनमें से कुछ अंडरब्रिज बड़े हैं, कुछ छोटे हैं।
रेलवे अंडर ब्रिज या अंडर पास से कहीं भी पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हैं। रेलवे इंजीनियरिंग के फेल होने के ये सबसे बड़े नमूने हैं। कैथल शहर में बनाए गए रेलवे अंडर ब्रिज में भी पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हैं। इसी तरह कई अन्य अंडर ब्रिज में पानी खड़ा रहता है।
वैकल्पिक रास्तों की नहीं है व्यवस्था
लोगों ने बताया कि जहां रेलवे अंडर ब्रिज बनाए जा रहे हैं। वहां वैकल्पिक रास्तों की भी व्यवस्था नहीं हैं। गांव ग्योंग में लोगों को ढांड रोड से कैथल आने की बजाए ज्यादा दूरी तय करते हुए करनाल रोड से होकर जाना पड़ता है। वहीं कठवाड़ के लोगों को भी इस तरह से ज्यादा दूरी तय करनी पड़ रही है।
इन गांवों में बनाए जा रहे हैं अंडरपास
बरोट, खेड़ी रायवाली, ग्योंग, कठवाड़, कौलेखां, भाणा-ब्राह्मण, खेड़ी, सजूमा सहित कई अन्य जगहों पर रेलवे अंडरब्रिज बनाए जा रहे हैं।
रेलवे संबंधी समाचार का जोड़
अगले आदेशों तक कुरुक्षेत्र-कैथल-नरवाना रेल यातायात बाधित है। रेलवे स्टेशन मास्टर ने बताया कि जब तक अंडरपास की मजबूती का कार्य पूरा नहीं हो जाता और इसकी सूचना नहीं मिल जाती। तब तक ट्रेनों का आवागमन बंद रहेगा।