रात को स्मैक बेचने वाली महिला से नशे की हालत में मिलने के लिए आया था पूर्व होमगार्ड, पड़ोसी ने कर दी पिटाई
रंजिश में छत पर रख दी स्मैक, शक होने पर पुलिस ने दबोचा तो उगल दी सच्चाई
- इसी प्रकार एक अन्य महिला को तस्करी में फंसाने के आरोप में एक और व्यक्ति को किया काबू
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई के उदाहरण कम ही मिलते हैं, जो सीआईए-2 ने शनिवार को स्मैक तस्करी के दो मामलों में की गई कार्रवाई में प्रस्तुत किया। एक युवक करनाल रोड पर एक कॉलोनी में स्मैक बेचने वाली महिला से नशे की हालत में देर रात मिलने आया तो पड़ोसी ने लोगों के साथ मिलकर उसकी धुनाई कर दी थी। इसी रंजिश में महिला से मिलने आए युवक ने उसे पीटने वाले की छत पर स्मैक रखकर फंसाने का प्रयास किया। इसी प्रकार से एक अन्य मामले में एक महिला की छत पर एक अन्य युवक ने स्मैक रखकर उसे भी फंसाने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने दोनों ही मामलों में निर्दोष लोगों को पकड़ने की बजाए, रंजिशन ऐसा करने वाले दोनों तस्करों को काबू कर लिया है।
एसपी वसीम अकरम ने बताया कि नशा विरोधी टीम में शामिल एएसआई बलराज को किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि वह करनाल सीआईए पुलिस का कर्मचारी है और कहा कि वह स्मैक की तस्करी पकड़वा सकता है। इसके बाद अगले दिन उसने फोन करके करनाल रोड पर टीम को बुलाकर बताया कि गोल्डन मैरिज पैलेस के पीछे एक व्यक्ति की परचून की दुकान है। जिसकी छत पर कुर्सी व वाशिंग मशीन के नजदीक रखे काले रंग के लोहे के ट्रंक के अंदर कपड़ों में काले रंग की पन्नी में स्मैक रखी हुई है। सूचना अनुसार पुलिस ने कॉलोनी में रेड की। जहां मकान मालिक दीपक तथा किराएदार दुकानदार दीपक निवासी डीग को साथ लेकर मकान की छत चेक की। जहां उक्त व्यक्ति ने जो सूचना दी थी, वह सब सामान मिला। लेकिन पुलिस को शक हो गया। इसी बीच उस व्यक्ति ने फिर फोन करके पूछा कि माल मिल गया क्या? इस पर एएसआई बलराज ने कहा कि उन्हें यहां कुछ नहीं मिला, बल्कि उनके साहब नाराज हो गए हैं। झूठी सूचना देने की बजाए मौके पर आकर बताएं कहां स्मैक रखी है। इस पर उसने खुद मौके पर आकर छत से स्मैक बरामद करवाई। उसकी पहचान संदीप निवासी बलाना जिला पानीपत के रूप में हुई। उसने 7.005 ग्राम स्मैक बरामद करवाई। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह पानीपत में होमगार्ड की नौकरी कर चुका है। 2 अप्रैल की रात को वह इस मकान के साथ लगते मकान में रह रही स्मैक की तस्करी करने वाली अपनी विधवा रिश्तेदार से मिलने आया था। जोर-जोर से आवाज लगाते समय उसके मकान का पड़ोसी दीपक ने उसे विधवा रिश्तेदार से बात करने के लिए न तो फोन दिया। उल्टा कई लोगों के साथ मिलकर उसकी पिटाई की। इसी रंजिश में उसने यह साजिश रची थी और छत पर स्मैक रखी थी। एसआई भागीरथ ने उसे काबू कर मोबाइल फोन व 560 रुपये नकदी बरामद करने के साथ-साथ उस महिला को भी काबू कर लिया।
इसी प्रकार के एक अन्य मामले में सीआईए-टू के एएसआई उज्जवल सिंह ने कांगथली निवासी एक महिला के मकान की छत पर रखी लकड़ियों के अंदर एक गत्ते का डिब्बा बरामद किया। जिसके अंदर छोटी-छोटी 42 प्लास्टिक डिब्बियों के अंदर से खाली डिब्बियों का वजन काटकर एक लाख रुपये से ज्यादा मूल्य की कुल 553.770 ग्राम अफीम बरामद हुई। जांच के दौरान व्यक्तिगत रंजिश के चलते महिला की छत पर अफीम रखने वाले करीब 57 वर्षीय आरोपी मलकित उर्फ पोला पुत्र बच्चन सिंह निवासी सैर को दबिश देते हुए काबू कर लिया गया। उसके कब्जे से इसी प्रकार की दो प्लास्टिक डिब्बियों के अंदर से 26 ग्राम अफीम बरामद हुई। उसने पूछताछ में यह अफीम रखने की बात स्वीकार की है।
फोटो संख्या-5