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चूहों ने कुतर ली ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीज की टांग

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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल, जहां लोग बीमारियों से जूझते हुए इलाज की उम्मीद में आते हैं। लेकिन यहां मरीज खुद चूहों का शिकार होकर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर उनकी सुनवाई नहीं कर रहे। यहां दाखिल एक मरीज 25 दिनों से ऑपरेशन के इंतजार में हैं। उसकी टांग को चूहों ने कुतर लिया। इसके बावजूद न तो उस मरीज की सुध ली गई और न ही उसकी टांग का ऑपरेशन किया जा रहा। घर में अकेला कमाने वाले इस मरीज के करीब 25 दिनों से यहां दाखिल रहने से परिवार का हौसला भी डगमगा रहा है। सीएमओ का कहना है कि वे पता लगाएंगे, ऐसा क्यों हो रहा है?
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गांव मांडी निवासी मरीज देवी दयाल ने बताया कि 24 मई को गड्ढे में गिरने से उसकी टांग टूट गई थी। अगले ही दिन उसके परिवार के सदस्य उसे इलाज के लिए अस्पताल में ले आए। पहले तो उसकी टांग को देखकर डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने की बात कही, जिस पर वह सहमत हो गया, लेकिन बाद में डॉक्टर उसे पीजीआई रोहतक जाने की बात कहने लगे। मरीज ने आरोप लगाया कि जो लोग उसके कई-कई दिन बाद आए उनका तो ऑपरेशन हो गया, लेकिन डॉक्टर उसका ऑपरेशन नहीं कर रहे, क्योंकि वह पैसे देने में समर्थ नहीं है। मरीज ने बताया कि डॉक्टर यह कहकर उसका ऑपरेशन नहीं कर रहे कि अगर ऑपरेशन करेंगे तो उसे हार्ट अटैक आ सकता है, जबकि उसे पहले कभी भी हार्ट से संबंधित कोई बीमारी नहीं है।
चूहों ने कुतर ली टांग, मरहम तक नहीं की गई
देवीदयाल ने बताया कि वीरवार को उसकी दूसरी टांग पर घाव बना हुआ है। उस घाव के निकट चूहों ने कुतर लिया। उसने इसके लिए अस्पताल कर्मचारियों को सूचना दी। लेकिन उसे न तो मरहम लगाई गई और न ही उसे कोई दवा दी गई। उसे डर है कि उसे चूहों के काटने के कारण यहां कोई ओर बीमारी न लग जाए। उसकी डीसी सहित सरकार से मांग है कि उसका इलाज करवाया जाए। वह परिवार में अकेला कमाने वाला है। उसकी तीन बेटियां व एक बेटा है। 25 दिनों से वह यहां दाखिल है। परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी आ खड़ा हुआ है।
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परिजन बोले- इलाज नहीं हुआ तो सीएम विंडो पर देंगे शिकायत
देवी दयाल के साथ अस्पताल पहुंची महिला गीता व नीलम देवी ने बताया कि वे एक गरीब परिवार से हैं। मरीज के परिवार में तीन बेटियों के अलावा सात-आठ वर्ष का बेटा है। वही मेहनत मजदूरी करके परिवार को पाल रहा है। ऐसे में वह पीजीआई का खर्च नहीं उठा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मरीज का जल्द इलाज नहीं किया गया तो वे सीएम विंडो पर शिकायत देंगे।
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि इस मामले में वे अस्पताल के स्टाफ से जानकारी लेंगे। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। वे पता करवाएंगे कि ऑपरेशन क्यों नहीं किया जा रहा। चूहों की समस्या यदि है, उसका भी निदान करवाया जाएगा।
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