हरिगढ़ किंगन के ग्रामीणों के समर्थन में आए छह गांवों के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला चीका। करीब एक सप्ताह पहले बिजली चेकिंग के लिए गई टीम पर हमले के मामले में बुधवार को भागल, बलबेहड़ा, थेह नेवल, सिह, टटियाणा व बदसूई के ग्रामीण भी हरिगढ़ किंगन के ग्रामीणों के समर्थन में आए। मामले में छह नामजद लोगों सहित तकरीबन दो सौ ग्रामीणों के खिलाफ चीका थाना में मुकदमा दर्ज है। गांव वाले इसी मुकदमे को खारिज करवाने की कोशिश में लगे हैं।
बुधवार को हुुई पंचायत में लोगों ने फिर तमाम हालात के लिए बिजली कर्मियों व कैथल से आई पुलिस को जिम्मेवार ठहराया। गांव के पूर्व सरपंच जोरा सिंह ने कहा कि बिजली वाले घटना वाली रात राम भगत के मकान में जब दीवारें फांदकर घुस रहे थे तब घड़ी की सुइयां रात के दस बजा रही थी। जोरा सिंह ने कहा कि हम चेकिंग के खिलाफ नहीं हैं पर रात को किसी के घर में इस तरह घुसना सरासर ज्यादती है। इसी के विरोध में गांव वाले इकट्ठे हुए थे और कैथल से आई पुलिस ने जैसे ही ग्रामीणों पर लाठियां बरसाई तो कुछ युवकों ने बदले में पत्थर बाजी शुरू कर दी। जोरा सिंह ने कहा कि युवकों ने जो किया गलत था पर पुलिस को भी आकर पहले बात करनी चाहिए उसके बाद चाहे लाठियां बरसाते। गांव के मौजूदा सरपंच निर्मल सिंह ने कहा कि उस रात की घटना के लिए पूरे गांव को अफसोस है। नाराजगी बिजली वालों से थी और चोटें बेवजह पुलिस वालों को लग गई। निर्मल सिंह ने कहा कि पूरा गांव विधायक कुलवंत बाजीगर और डीएसपी सुलतान सिंह से मिलकर पुलिस प्रशासन से मांफी मांगने की पेशकश कर चुका है। निर्मल सिंह ने कहा कि जब कई कई हत्याएं करने वाले चंबल के डाकुओं और कश्मीर के आतंकियों को आम माफी मिल सकती है तो फिर नादानी में बरसाए गए पत्थरों के लिए हमारे बच्चों को माफी क्यों नहीं दी जा सकती।
सीएम से मिलने गए लोग
शिव मंदिर में पंचायत के बाद एक बस व तकरीबन एक दर्जन कारों में सवार होकर हरिगढ़ किंगन व आसपास के छह गांवों के लोग सीएम मनोहर लाल खट्टर से मिलने के लिए रवाना हुए। गांव वालों ने बताया कि विधायक कुलवंत बाजीगर ने उन्हें सीएम से मिलवाने का भरोसा दिलाया है। खबर लिखे जाने तक गांव वाले अभी लौटे नहीं थे।