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Kaithal News: जमीन विवाद में अदालत का फैसला, वादी पक्ष को आधी जमीन का मालिकाना हक

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कैथल। सिविल जज सीनियर डिवीजन कैथल डॉ. अमन इंदर सिंह की अदालत ने गांव चूड़माजरा से जुड़े पुराने जमीन विवाद में मंगल राम, सुखबीर और कृष्ण के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने उन्हें विवादित जमीन के आधे हिस्से का मालिक और कब्जाधारी घोषित किया है। वहीं सोना देवी व अन्य प्रतिवादियों को शेष आधे हिस्से का मालिक माना है।
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वादी पक्ष का कहना था कि उनके पिता रिसाला जमीन के आधे हिस्से के मालिक थे लेकिन वर्ष 1994-95 की जमाबंदी में उनका हिस्सा गलत तरीके से घटाकर 1/42 दर्ज कर दिया गया और दूसरे पक्ष का हिस्सा 41/42 दिखाया गया। साथ ही रिसाला के पिता का नाम राम चंदर के बजाय रामानंद दर्ज किए जाने की बात कही गई।

अदालत ने वर्ष 1979-80 से 2014-15 तक की जमाबंदियों, खसरा गिरदावरी, इंतकाल और अन्य दस्तावेजों का अवलोकन किया। वादी पक्ष ने 9 मार्च 2010 की वसीयत पेश की जिसके गवाह सुरेश कुमार ने अदालत में इसकी पुष्टि की। प्रतिवादी पक्ष वसीयत को फर्जी साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। अदालत ने पाया कि प्रतिवादी रिसाला का आधा हिस्सा अपने पूर्वजों को हस्तांतरित होने संबंधी कोई वैध बिक्री विलेख, त्यागपत्र या बंटवारे का दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसलिए 1/42 और 41/42 की राजस्व प्रविष्टियों को गलत माना गया।
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राजस्व रिकॉर्ड में हिस्सा दर्ज करने के आदेश
अदालत ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को रिकॉर्ड में सुधार कर रिसाला के पिता का नाम राम चंदर दर्ज करने और दोनों पक्षों का हिस्सा दर्शाने के निर्देश दिए। प्रतिवादी नंबर 1 से 11 को अपने आधे हिस्से से अधिक जमीन बेचने, हस्तांतरित करने या गिरवी रखने से भी रोक दिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह फैसला वास्तविक बंटवारा नहीं है और पक्ष कानून के अनुसार भविष्य में बंटवारे की कार्रवाई कर सकते हैं। वादी पक्ष का वाद खर्चे सहित मंजूर किया गया।
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