सीवन। शारदीय नवरात्र पूरे उत्साह और भक्ति भाव से मनाए जा रहे हैं। मंदिरों में श्रद्धालु ‘जय माता दी’ के उद्घोष करते हुए दिनभर पूजा-अर्चना, आरती, भजन और कीर्तन में लीन नजर आए। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही और वातावरण भक्तिमय बना रहा। धूप, दीप और पुष्पों से सजी आरती ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्तों ने माता से परिवार की सुख-शांति और मंगल कामना की। महंत लक्ष्मी नारायण पुरी ने मार्केट कमेटी के पूर्व वाइस-चेयरमैन संगीत बंसल के कार्यालय में तीसरे नवरात्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है। मां चंद्रघंटा शेर पर सवार और दस हाथों में शस्त्र धारण किए रहती हैं। उनके मस्तक पर अर्धचंद्र सुसज्जित है, इसी कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनका स्वरूप शांति और वीरता का अद्भुत संगम है। मां की कृपा से साधक को साहस, आत्मबल और निडरता की प्राप्ति होती है। महंत ने कहा कि मां चंद्रघंटा की पूजा से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। इस अवसर पर अधिवक्ता सुरेंद्र सरदाना, जुगनू सरदाना, सुधीर मिड्डा, रामपाल बंसल, कृष्ण कुमार गर्ग, कृष्ण बंसल सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद