शहर में एक कॉलोनी में कमरे में सर्दी से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सोना एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुआ। वहीं पति की तबियत बिगड़ने से अस्पताल में भरती कराना पड़ा। उसकी हालत गंभीर बतायी जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार मौत का कारण अंगीठी के कारण ऑक्सीजन का खत्म होना है। दो दिन में यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पूर्व गांव नरड़ में गैस गीजर के प्रभाव के कारण एक किशोरी की मौत हो चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार अंबाला रोड पर एक कालोनी निवासी बुजुर्ग व्यक्ति करीब 78 वर्षीय व उनकी पत्नी करीब 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला अपने कमरे में अंगीठी लगाकर सोए थे। देर रात तक पूरे परिवार ने साथ बैठ कर टीवी देखा था और बाद में सभी अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। सुबह जब परिजनों ने उन्हें संभाला तो महिला नहीं उठी और बुजुर्ग की हालत भी गंभीर मिली। तुरंत दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों में से महिला की मौत की पुष्टि कर दी गई जबकि बुजुर्ग व्यक्ति को अस्पताल में दाखिल कर लिया गया। उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है।
मालूम हो कि ठंड से बचने के लिए अलाव या अंगीठी जलाना ठीक है, लेकिन इसके लिए हमें विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है। कभी भी ऐसे स्थान पर अंगीठी या अलाव न जलाएं, जहां से हवा क्रॉस नहीं हो सकती। गैस से चलने वाले गीजर को भी कमरे से बाहर लगाना ही ठीक है। उन्होंने कहा कि अगर ठंड ज्यादा है या आप अंगीठी सेंकना जरूरी समझते हैं तो आप उसी समय तक अंगीठी जलाएं, जब तक आप जाग रहे हों। सोते समय कमरे में गर्माहट होने के बाद अंगीठी को बाहर रख दें। साथ ही गैस गीजर का प्रयोग करते समय भी सावधानी बरतें और बॉथरूम को पूरी तरह से बंद ना करें।