संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामले में एक दंपति को कनाडा भेजने का सपना दिखाकर उनसे 14.50 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने वीजा के नाम पर फर्जी दस्तावेज थमा दिए। जब पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे तो उन्हें धमकियां दी गईं। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डेरा दाबन सीवन निवासी गुरशरण कौर ने सीवन थाने में दी शिकायत में बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनके पड़ोसी विजेंद्र ने उन्हें बताया कि वह एक ऐसे एजेंट को जानता है, जो विदेश भेजने का काम करता है और वह उनका व उनके पति का कनाडा का वीजा लगवा देगा। इसके बाद विजेंद्र ने उनके सभी दस्तावेज ले लिए और उन्हें पानीपत निवासी रवि राणा से मिलवाया। रवि ने आगे उनकी मुलाकात उमरपाल नामक व्यक्ति से कराई।
आरोपियों ने कनाडा भेजने के एवज में 20 लाख रुपये की मांग की। एकमुश्त राशि न दे पाने के कारण पीड़ित दंपति ने अलग-अलग समय पर वीजा लगवाने के नाम पर करीब 14.50 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। इसके बाद आरोपी लंबे समय तक प्रक्रिया चलने का बहाना बनाते रहे और जल्द ही विदेश भेजने का भरोसा दिलाते रहे।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि विजेंद्र, रवि राणा और उमरपाल ने आपस में मिलीभगत कर उनके साथ
धोखाधड़ी की और उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
फर्जी वीजा पकड़
में आने पर खुला ठगी का मामला
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें बताया कि एक जून 2024 को उनकी फ्लाइट है। इस पर उन्होंने विदेश जाने की तैयारियां शुरू कर दीं। तय तारीख को जब वे फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली पहुंचे, तो वहां पता चला कि एजेंट रवि और विजेंद्र द्वारा दिया गया वीजा डुप्लीकेट है। इसके बाद जब उन्होंने एजेंट उमरपाल से अपने रुपये वापस मांगे, तो उसने साफ इन्कार करते हुए जान की धमकी देनी शुरू कर दी।