कलायत (कैथल)। उपमंडल के गांव बात्ता के किसान जोनी राणा को उनकी पत्नी के साथ केंद्र सरकार की ओर से गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। प्रदेश भर से प्राकृतिक खेती करने वाले केवल 12 किसानों को इस कार्यक्रम में बुलाया गया है।
जोनी राणा पिछले 9 वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और इस क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर चुके हैं। उन्हें मास्टर ट्रेनर और गुजरात प्राकृतिक खेती का रिसोर्स पर्सन भी चुना गया है। उन्हें दो बार राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है और वे मिलेनियर फार्मर अवार्ड के भी विजेता रह चुके हैं।
जोनी राणा ने बताया कि प्राकृतिक खेती पूरी तरह से बाजार मुक्त और गौ आधारित होती है। इसमें गोबर, गौमूत्र, गुड़, बेसन और खेत की मिट्टी से ही फसल उगाई जाती है, जिसे जीरो बजट फार्मिंग भी कहा जाता है। उनके पिता की कैंसर से मृत्यु ने उन्हें यह सोच दी कि खेती को पूरी तरह जहर-मुक्त और स्वस्थ बनाया जाए।
वर्ष 2021 में उन्होंने गुरुकुल कुरुक्षेत्र से प्राकृतिक खेती की विधिवत ट्रेनिंग ली। अब उनके खेत में गेहूं की स्वर्ण गंगा, सोना मोती, बंसी गोल्ड और छिलका रहित जौं की संजीवनी किस्म का उत्पादन हो रहा है। इस विधि से उत्पादन लागत में कमी आई है, मृदा की उर्वरकता बढ़ी है और उपभोक्ताओं को शुद्ध अनाज उपलब्ध हो रहा है। संवाद