संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। ऐतिहासिक कपिल मुनि तीर्थ में दो सगी बहनों की मौत के बाद नगर पालिका प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। हादसे पर दुख और रोष व्यक्त करने के लिए नगर पालिका कार्यालय में नगर पार्षदों की विशेष बैठक बुलाई गई। इसमें मौजूद सदस्यों ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई और तीर्थ परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया।
बैठक में पार्षदों ने कहा कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) ने वर्ष 2007-08 के बाद से इस प्राचीन एवं ऐतिहासिक तीर्थ की सुध नहीं ली है। हर पूर्णिमा पर यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर हालात बेहद कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि यदि तीर्थ स्थल पर सुरक्षा रेलिंग और गोताखोरों की व्यवस्था होती, तो दो बहनों की जान बचाई जा सकती थी।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तीर्थ के कायाकल्प और सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए 9 सूत्री मांग पत्र तैयार किया गया, जिसे कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेज दिया गया। बैठक में पार्षद राजेश राणा, कुलदीप दहिया, महिपाल पवार, गुल्लू यादव, अनिल कांसल सहित अन्य पार्षद और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सुरक्षा और सुविधाओं पर रखीं प्रमुख मांगें
प्रस्ताव में घाटों पर मजबूत रेलिंग लगाने, लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने, स्थायी गोताखोर तैनात करने, महिलाओं के स्नान के लिए सुरक्षित घाट और अस्थि विसर्जन घाट का निर्माण कराने की मांग उठाई गई। इसके अलावा जर्जर शौचालयों की मरम्मत, नियमित साफ-सफाई और तीर्थ स्थल की गरिमा के अनुरूप परिक्रमा मार्ग को विकसित करने की भी मांग की गई।