कैथल। वार्ड-13 में विकास कार्यों के टेंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा न होने पर पार्षद एवं हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य राकेश सरदाना ने वार्ड वासियों के साथ मिलकर नगर परिषद कार्यालय में पहुंच कर नारेबाजी की।
इस दौरान पार्षद और लोगों ने परिषद में धरना भी दिया। उनका आरोप था कि टेंडर होने के बावजूद वार्ड में तीन साल से 30 लाख रुपये के कार्य ठप पड़े हैं। अधिकारियोें के आश्वासन के बाद पार्षद एवं समर्थकों ने विरोध समाप्त किया।
बुधवार सुबह वार्ड नंबर 13 से पार्षद राकेश सरदाना अपने समर्थकों सहित परिषद कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ रोष प्रकट किया। साथ ही परिषद कार्यालय के प्रवेश द्वार पर धरना दिया। धरने के दौरान पार्षद राकेश सरदाना ने कहा कि उनके वार्ड में मंत्री सुरजेवाला द्वारा 30 लाख रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे। इनके टेंडर भी हो चुके हैं, लेकिन तीन साल से काम लंबित पड़े हैं। सात सड़कें, तीन पुलियां एवं गलियों की नालियों का निर्माण ठप है। वार्ड के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार अधिकारियों से मिला, नहीं हुए काम
पार्षद ने कहा कि उनका परिवार पिछले लगभग 30 साल से वार्ड की नुमाइंदगी कर रहा है। यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे परिषद सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। सरदाना ने कहा कि वे कई बार अधिकारियों से मिले, लेकिन उन्हें कहा गया कि कोई भी ठेकेदार उनके वार्ड में काम नहीं कराना चाहता।
ठेकेदार कहते हैं कि वार्ड में मापदंडों के अनुसार काम करना पड़ता है। सरदाना ने आरोप लगाए कि परिषद में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। उन्होंने कहा कि यहां ठेके के कार्यों में धांधली हो रही है। नक्शा पास करने तक के लिए एजेंट छोड़े गए हैं। शहीद स्मारक में 24 लाख रुपये की लाइट का बिल पास किया गया है, लेकिन लाइट आज तक नहीं लगाई गई। इस तरह के कई मामले हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए।
करीब दो बजे अधिकारियों द्वारा 20 दिन में काम पूरा करने के आश्वासन पर पार्षद ने विरोध खत्म किया। इस अवसर पर गुलशन नंदा, अशोक भारती, नरेंद्र सचदेवा, प्रशांत, नवीन खेत्रपाल, राजू मक्कड़, बिट्टू गांधी, संजय रावल, अनूप राणा, आशू चावला, सन्नी चावला, राममदान, मनु राणा, कालू, नारायणदास गाबा और देंवेंद्र कुमार मौजद थे।