संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। स्थानीय निकाय विभाग ने वार्ड 14 के पार्षद जितेंद्र कुमार को भ्रष्टाचार के मामले में नामजद होने के चलते तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय से आधिकारिक पत्र जारी किया गया।
पार्षद जितेंद्र कुमार नगर पालिका चीका की उपाध्यक्ष पूजा शर्मा के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले 12 पार्षदों में शामिल थे। उनके निलंबन के बाद विपक्षी खेमे में खलबली मच गई है और अब उन्हें अपनी रणनीति नए सिरे से बनानी पड़ सकती है। नगरपालिका चीका में कुल 17 पार्षद हैं। उपाध्यक्ष को हटाने के लिए कम से कम 12 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। अविश्वास प्रस्ताव वीरवार (4 जुलाई) को लाया जाएगा।
यह है मामला - चीका के हुड्डा निवासी विजय कुमार उर्फ मिंकू सिंगला ने 25 मार्च को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अंबाला रेंज में शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जितेंद्र कुमार समेत तीन पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष रेखा रानी और उपाध्यक्ष पूजा शर्मा के पक्ष में मतदान के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। शिकायत के साथ बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सौंपी गई थी।
एसीबी ने जांच के बाद 20 जून 2025 को एफआईआर दर्ज की। इसके बाद से जितेंद्र कुमार और अन्य दो आरोपी पार्षद भूमिगत हैं। हालांकि विपक्षी पार्षदों का दावा है कि अविश्वास प्रस्ताव के दिन तीनों आरोपी पार्षद मतदान करने आएंगे। मगर जितेंद्र कुमार के निलंबन के बाद फिलहाल विपक्ष की योजना को झटका लगना तय माना जा रहा है।
उपाध्यक्ष का हटना
तय ः तरसेम गोयल
विपक्षी खेमे की अगुवाई कर रहे वार्ड 16 के पार्षद एवं पूर्व अध्यक्ष तरसेम गोयल ने कहा कि सत्ता पक्ष से जुड़े दो और पार्षद उनके संपर्क में हैं। दावा किया कि एक पार्षद के निलंबन के बावजूद 13 अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करेंगे और उनकी जीत तय है।
अविश्वास प्रस्ताव बुरी तरह विफल होगा ः राजीव शर्मा
वहीं, उपाध्यक्ष पूजा शर्मा के पति और भाजपा नेता राजीव शर्मा ने कहा कि विपक्ष की यह साजिश किसी भी हालत में कामयाब नहीं होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि उनके पास बहुमत है और अविश्वास प्रस्ताव बुरी तरह असफल होगा।