संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में बिजली चोरी के मामले सामने आने पर बिजली निगम ने निगरानी बढ़ा दी है। निगम की ओर से पिछले तीन महीने में 200 से ज्यादा जगह बिजली चोरी पकड़ी गई है। वहीं, पिछले एक महीने में करीब 12 मामले सामने आए हैं। बिजली चोरी पकड़ने के लिए निगम ने 22 टीमें गठित की हुई। ये टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शनों की जांच कर रही हैं।
बिजली चोरी के मामलों में लाखों रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। देहात क्षेत्र में बिजली चोरी के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। ऐसे में निगम की ओर से इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। जांच के दौरान बिजली की खपत और मीटर की स्थिति की पड़ताल की जाती है। सीधे बिजली की लाइन से बिजली इस्तेमाल करने, मीटर से पहले अवैध तार जोड़ने और मीटर में छेड़छाड़ जैसे मामले सामने आए हैं।
बिजली चोरी के मामलों में कुछ लोग मीटर को बाईपास कर सीधे लाइन से बिजली का इस्तेमाल करते हैं। कुछ मामलों में मीटर से पहले तार जोड़कर बिजली ली जाती है। इसके अलावा बिना मीटर के भी बिजली इस्तेमाल की जाती हैं।
जिले में 3.74 लाख उपभोक्ताओं को बिजली
बिजली निगम के अनुसार, जिले में करीब 3.74 लाख उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जा रही है। गुहला, सीवन, कलायत, राजौंद, ढांड, पूंडरी और कैथल ब्लॉक के 293 गांव बिजली आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े हैं। इनमें से 284 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की योजना है। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराने के लिए निगम बिजली चोरी रोकने पर जोर दे रहा है।
बिजली चोरी से निगम को आर्थिक नुकसान होता है। ऐसे मामलों में संबंधित उपभोक्ता पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाता है। निगम की टीमें लगातार फील्ड में जांच कर रही हैं। - भूपेंद्र, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम।