करीब दस माह से कोरोना के कारण पूरा देश बेहाल है। कैथल में भी अभी तक करीब 41 मौत हो चुकी हैं और 2700 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। सितंबर में पीक पर आने के बाद कोरोना अब लगातार कम हो रहा है। लोग इसी प्रकार से मॉस्क लगाते रहे, हाथ धोते रहे और सामाजिक दूरी बनाए रखी, साथ में कोरोना की दूसरी लहर नहीं आई तो पूरी उम्मीद है कि कोरोना से राहत मिल जाए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 15 अगस्त तक कैथल में 453 कोरोना के पॉजिटिव मामले थे। जो 15 सितंबर तक बढ़कर 1843 और 30 सितंबर तक 2429 हो गए। पूरा सितंबर माह कोरोना का पीक रहा और यह पूरी तेजी से फैला। एक दिन में 80 से लेकर 88 तक मामले सामने आए। लेकिन 1 अक्तूबर के बाद से लेकर अब तक कोरोना की स्थिति में गिरावट आई है। अक्तूबर के पहले पखवाड़े में महज 285 मामले सामने आए और 14 अक्तूबर तक 2754 मामले सामने आ चुके हैं। अब 15, 18, 20 और कभी 30 तक ही मामले सामने आ रहे हैं। जिससे लग रहा है कि अब कोरोना के केस कम होने लगे हैं।
अकेले सितंबर में 1358 मामले पॉजिटिव- जिले में अभी तक कोरोना संक्रमितों की 41 मौत हुई हैं। जिसमें से अकेले सितंबर में 30 मौत हुई हैं। वहीं जिले में अभी तक कोरोना के करीब 2700 से अधिक मामले सामने आए हैं। जिसमें से सितंबर में 1358 मामले पॉजिटिव रहे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सितंबर माह में जिले में कोरोना का कितना प्रकोप था। पूरे जिले में 70 हजार 573 लोगों के टेस्ट किए जा चुके हैं। जिसमें आरटीपीसीआर 37940 व एंटीजन टेस्ट 32633 हुए हैं।
फीस के कारण कम टेस्ट होने की अफवाह
लोगों में अफवाह है कि सरकार ने 19 सितंबर से जो टेस्ट की फीस नॉन मेडिकल के लिए 1600 रुपये व 650 रुपये रखी है। उसके कारण टेस्ट कम हुए हैं। लेकिन विभागीय डाटा के अनुसार यह बात सही नहीं है। टेस्टों में कोई कमी नहीं की गई है। हर रोज 800 से लेकर 1100 या इससे भी अधिक औसतन टेस्ट किए जा रहे हैं। फीस केवल नॉन मेडिकल उद्देश्य के लिए करवाए जाने वाले टेस्ट के लिए ली जा रही है। यदि स्वास्थ्य में कोई परेशानी है तो उसके लिए कोई फीस नहीं ली जा रही है।
जिले में नियुक्त कंसल्टेंट डा. कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से प्रो. डा. राजेश कुमार ने कहा कि ओवर आल कंट्री में कोरोना कम हो रहा है। इसी कारण जिले में भी कोरोना कम हुआ है। कारण यह है कि लोगों में जागरूकता आई है। उम्मीद है कि लोग मॉस्क पहनें, हाथ धोएं, सामाजिक दूरी बनाकर रखें तो आने वाले समय में ओर भी राहत मिल सकती है। यदि कोरोना की दूसरी पीक नहीं आया तो राहत जरूर मिलेगी।