सोमवार को जिले में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की मौतों का अब तक का रिकार्ड टूट गया। साथ ही संक्रमितों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई। जिले में संक्रमित 11 व्यक्तियों की मौत हुई और 260 नए संक्रमित व्यक्ति पाए गए। इन हालातों को देखते हुए स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर हो रही है। सोमवार को आठ पुरुषों व तीन महिला की मौत हुई। कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए शवों का अंतिम संस्कार किया गया। गांव ग्योंग निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति, कैथल निवासी 33 वर्षीय व्यक्ति, गांव बालू निवासी 63 वर्षीय बुजुर्ग, पूंडरी निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग, प्योदा निवासी 58 वर्षीय महिला, कैथल निवासी 50 वर्षीय पुरुष, गांव जुलानीखेड़ा निवासी 72 वर्षीय महिला, गांव क्योड़क निवासी 58 वर्षीय पुरुष, कैथल निवासी 56 वर्षीय महिला, खुराना रोड कैथल निवासी 63 वर्षीय पुरुष व गांव चुहड़माजरा निवासी 26 वर्षीय महिला की कोरोना से सांसें थम गईं।
कोरोना से जान गंवाने वाले सभी पुरुष व महिलाएं कोरोना संक्रमित होने के साथ-साथ अन्य बीमारियों से भी पीड़ित बताए गए हैं। इनमें से आठ संक्रमित मिलने के बाद जिला नागरिक अस्पताल में आइसोलेट किया गया था। इसके अलावा एक-एक को राजेंद्रा अस्पताल पटियाला, शाह अस्पताल व सिग्नस अस्पताल में आइसोलेट किया
अब जिले में कोरोना एक्टिव केस 1136 हो गए हैं। कोरोना की शुरुआत से लेकर अब तक जिले में 8069 संक्रमित व्यक्ति पाए जा चुके हैं। इनमें से 6799 व्यक्ति ठीक भी हो चुके हैं। हालांकि सोमवार को 40 व्यक्ति ठीक भी हुए, लेकिन संक्रमित मिले लोगों की अपेक्षा ठीक होने वालों की संख्या काफी कम रही।
सोमवार को 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1693 व्यक्तियों को टीकाकरण किया गया। इसमें पहली डोज 1505 व दूसरी डोज 188 को दी गई। अभी तक 1 लाख 6 हजार 817 व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा चुका है, जिनमें से 91 हजार 594 व्यक्तियों को पहली डोज व 15 हजार 223 व्यक्तियों को दूसरी डोज दी जा चुकी है।
डीसी सुजान सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा भेेजी गई डोज का स्टॉक 2 हजार 790 हैं, जिसमें 2310 कोवैक्सीन व 480 कोवशिल्ड हैं। राज्य सरकार द्वारा सप्लाई की गई 7 हजार 880 डोज कोविशिल्ड की व्यवस्था जिले में है। उन्होंने कहा कि जिले में 954 मरीज होम आइसोलेशन में है। इन लोगों से दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया जाता है और दवाइयों की होम डिलीवरी की जा रही है। जिले में 34 कोविड केयर सेंटर हैं, जिनमें 1410 बेडों की व्यवस्था की गई है। सरकारी व निजी अस्पतालों में कुल 296 ऑक्सीजन बेड, 26 आइसीयू बेड व 17 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं।