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Kaithal News: जाट शिक्षण संस्थान के कटे वोटों पर विवाद

Tue, 24 Dec 2024 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर के जाट शिक्षण संस्थान सोसाइटी में करीब तीन साल पहले बने नए वोट काटने पर सोमवार को विवाद हो गया। दरअसल, सुबह के समय एडहॉक कमेटी के कार्यालय के बाहर काटे गए वोटों की सूची चस्पाई गई थी। इस सूची के चस्पाने की जैसे ही सदस्यों को जानकारी मिली तो वे कार्यालय में पहुंच गए। इस पर उन्होंने वोट काटने पर आपत्ति जताई।

मौके पर पहुंचे लोगों ने कहा कि उनके वोटों को बेवजह ही काटा गया है। वहीं, सूची चस्पाने के बाद कार्यालय के कर्मियों का कहना था कि रजिस्टार कार्यालय के आदेशों पर ये वोट काटे गए हैं। इन्होंने एक ही बैंक के माध्यम से पेंमेंट काटकर कई-कई वोट बनाए हैं। ये वोट वैध नहीं हैं।
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वहां पर मौजूद नाराज लोगों ने बताया कि 3200 से अधिक लोगो के वोटों पर आपत्ति लगाई है। यह आपत्ति चेक बुक जारी न होने के चलते लगाई है। गौरतलब है कि संस्था का नियम है कि जाट संस्था की सदस्यता के लिए चेक बुक और डीडी होना जरूरी है। आरबीआई बिना पढ़े लिखे ग्राहक को चेक बुक जारी नही करता तो इस हालत में कोई महिला है तो उसके पति की चेक बुक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बावजूद अब संस्था की ओर से वोट काटे जा रहे हैं।

लोगों ने कहा कि पैसे काटने के बावजूद उनके वोट नहीं बने। चार-चार साल पुराना बैंक रिकॉर्ड लाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बैंक वाले कहते है कि जब डीडी दे दिया तो डिटेल की क्या जरूरत है। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि ये न तो डीडी वाली गाइड लाइन पर खरे उतर रहे हैं और न ही चेक बुक वाली पर उनकी परिवार के आठ वोट काट रखे हैं, जिनकी सभी की पेमेंट चेक बुक से की गई थी। इसके पीछे क्या मंशा है समझ नहीं आ रहा। सूची लगाने से पहले कोई नोटिस भी नही दिया गया। सिर्फ दो दिन का समय दिया गया है आपत्ति को चुनौती देने के लिए।

गुहणा गांव के निवासी अमित ने बताया कि 2021 में उनका कार्ड बना था। अब कहा जा रहा कि ये रद्द कर दिया गया है। डीडी भी दे दे दिया है फिर भी वोट रद्द कर रहे हैं। गुहणा खाप प्रधान जयभगवान ने कहा कि यह संस्था अच्छे से चली हुई थी, लेकिन कुछ शरारती तत्व इसमें घुस गए हैं, जिन्होंने संस्था को बिगाड़ने का काम किया जा रहा है। सोमवार को डीसी से मुलाकात की थी।
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उधर, जाट संस्था के प्रशासक एवं एडीसी दीपक बाबू लाल कारवा ने बताया कि जब वोट का रिकॉर्ड जांचा तो 3200 ऐसे वोट मिले, जो नियमों के तहत नहीं बने थे। उन पर ऑब्जेक्शन लगाया गया है। इन लोगों की सदस्यता में खामियां पाई गई हैं। ऐसे लोगों को मंगलवार शाम तक का समय नए डीडी जमा करने, चेक बुक देने व दूसरी खामियां दूर करने के लिए दिया गया है।

इसके बाद वोटर लिस्ट को दोबारा जांच जाएगा। फिर संस्था के नियमों के अनुसार आपत्तियां दूर करने वाले लोगों की सदस्यता बहाल कर दी जाएगी।
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