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Kaithal News: शुरू नहीं हो पाया जच्चा-बच्चा अस्पताल का निर्माण

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कैथल। 2024 की विदाई होने वाली है, लेकिन इस साल भी शुरू जच्चा-बच्चा अस्पताल का निर्माण नहीं हो पाया है। बता दें कि इस अस्पताल के लिए सरकार की ओर से साल की शुरुआत में ही छह करोड़ रुपये का बजट भी दिया जा चुका था। इसके बाद भी एक साल भी यह परियोजना अधूरी है। इसके साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी भी दूर नहीं हो पाई है।
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यहां पर अभी भी 150 के करीब डॉक्टर पूरे जिले में है। जबकि इससे दोगनु डॉक्टरों की अस्पतालों में जरूरत हैं। वहीं, क्रिटिकल केयर का भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। क्रिटिकल केयर सेंटर आईसीयू से अधिक मिलनी हंै सुविधाएं : गौरतलब है कि क्रिटिकल केयर सेंटर में आईसीयू से अधिक सुविधाएं मिलनी है। इसके बनने के बाद सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को जल्द इलाज मिलेगा। उन्हें चंडीगढ़ व रोहतक पीजीआई जाने की जरूरत नहीं होगी।
विभाग ने पहले इस सेंटर को जिला नागरिक अस्पताल में बनाने की योजना बनाई थी। जिले में हादसे होने के बाद घायलों को तुरंत इलाज नहीं मिल पाता है।
उन्हें दूसरे चंडीगढ़, पटियाला या रोहतक में रेफर करना पड़ता है। क्रिटिकल केयर सेंटर बनने के बाद घायल मरीजों को तुरंत इलाज मिलेगा। परंतु अभी तक इस परियोजना पर काम शुरू नहीं हो पाया है। कलायत में शुरू हुई काला पीलिया की जांच : कोरोना महामारी के समय में कलायत में आधुनिक लैब बनाई गई थी। महामारी के समय यहां पर केवल कोरोना महामारी की जांच की जाती थी। महामारी के खत्म होने के बाद इसे बंद किया गया
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। इसके बाद पहले तो यहां काला पीलिया की जांच शुरू की, लेकिन विभाग की ओर से किट मुहैया नहीं होने के चलते 2022 में ही बंद किया गया था। अब विभाग की ओर से वर्ष 2024 की जुलाई में इस लैब को दोबारा से शुरू किया। इस समय काला पीलिया बीमारी की जांच इसी लैब के माध्यम से की जा रही है। इससे लोगों को जल्द रिपोर्ट मिल पा रही है। ी
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